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रूसी एथलेटिक्स फेडरेशन ने CAS में विश्व एथलेटिक्स के बैन को चुनौती दी: ओल्गा बोगोस्लोव्स्काया
रूसी एथलेटिक्स फेडरेशन ने CAS में विश्व एथलेटिक्स के बैन को चुनौती दी: ओल्गा बोगोस्लोव्स्काया
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एथलेटिक्स में वर्ल्ड चैंपियन और 1992 ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट ओल्गा बोगोस्लोव्स्काया ने वर्ल्ड एथलेटिक्स द्वारा रूस पर लगाए गए प्रतिबंध को चुनौती देने के लिए खेल... 10.08.2026, Sputnik भारत
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बोगोस्लोव्स्काया के मुताबिक, रूसी पक्ष ने वर्ल्ड एथलेटिक्स की ओर से बातचीत और समझौते की कोशिशों की कमी के चलते कानूनी रास्ता अपनाने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि अन्य खेलों के अंतरराष्ट्रीय महासंघ रूसी एथलीटों की वापसी को लेकर अलग-अलग फैसले ले रहे हैं, जबकि एथलेटिक्स में प्रतिबंध 2015 से जारी है।वर्ल्ड एथलेटिक्स के अध्यक्ष सेबेस्टियन कोए की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए बोगोस्लोव्स्काया ने आरोप लगाया कि वह रूसी और बेलारूसी एथलीटों की वापसी रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रूसी पक्ष को अब केवल कानूनी प्रक्रिया के जरिए अपने अधिकारों के लिए लड़ना होगा।CAS में दायर मामले से संभावित लाभों पर उन्होंने कहा कि रूसी पक्ष को अपने एथलीटों की बहाली की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि मामले को संभालने के लिए एक अनुभवी विदेशी कानूनी फर्म को नियुक्त किया गया है और रूसी पक्ष के पास इस कानूनी लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं।बोगोस्लोव्स्काया ने रूसी एथलीटों पर जारी प्रतिबंध को अंतरराष्ट्रीय खेलों में समानता के सिद्धांत के खिलाफ बताया। उनके मुताबिक, इस स्थिति को बदलने का सबसे प्रभावी रास्ता कानूनी कार्रवाई और अपने अधिकारों के लिए मजबूती से लड़ना है।
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रूस , खेल, विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप
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रूसी एथलेटिक्स फेडरेशन ने CAS में विश्व एथलेटिक्स के बैन को चुनौती दी: ओल्गा बोगोस्लोव्स्काया
एथलेटिक्स में वर्ल्ड चैंपियन और 1992 ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट ओल्गा बोगोस्लोव्स्काया ने वर्ल्ड एथलेटिक्स द्वारा रूस पर लगाए गए प्रतिबंध को चुनौती देने के लिए खेल पंचाट न्यायालय (CAS) में दायर नए केस पर टिप्पणी की है।
बोगोस्लोव्स्काया के मुताबिक, रूसी पक्ष ने वर्ल्ड एथलेटिक्स की ओर से बातचीत और समझौते की कोशिशों की कमी के चलते कानूनी रास्ता अपनाने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि अन्य खेलों के अंतरराष्ट्रीय महासंघ रूसी एथलीटों की वापसी को लेकर अलग-अलग फैसले ले रहे हैं, जबकि एथलेटिक्स में प्रतिबंध 2015 से जारी है।
उन्होंने बताया कि रूसी एथलीटों पर लगाए गए प्रतिबंध का अब कोई खेल संबंधी आधार नहीं बचा है और यह मामला राजनीतिक हो चुका है। उनके अनुसार, डोपिंग से जुड़े मामलों को बंद किए जाने के बाद रूसी और बेलारूसी एथलीटों को प्रतियोगिताओं से बाहर रखने का कोई अन्य उचित कारण नहीं है।
वर्ल्ड एथलेटिक्स के अध्यक्ष सेबेस्टियन कोए की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए बोगोस्लोव्स्काया ने आरोप लगाया कि वह रूसी और बेलारूसी एथलीटों की वापसी रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रूसी पक्ष को अब केवल कानूनी प्रक्रिया के जरिए अपने अधिकारों के लिए लड़ना होगा।
CAS में दायर मामले से संभावित लाभों पर उन्होंने कहा कि रूसी पक्ष को अपने एथलीटों की बहाली की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि मामले को संभालने के लिए एक अनुभवी विदेशी कानूनी फर्म को नियुक्त किया गया है और रूसी पक्ष के पास इस कानूनी लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं।
बोगोस्लोव्स्काया ने रूसी
एथलीटों पर जारी प्रतिबंध को अंतरराष्ट्रीय खेलों में समानता के सिद्धांत के खिलाफ बताया। उनके मुताबिक, इस स्थिति को बदलने का सबसे प्रभावी रास्ता कानूनी कार्रवाई और अपने अधिकारों के लिए मजबूती से लड़ना है।