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रूसी वैज्ञानिकों ने बदलते मौसम से फसलों को बचाने का नया तरीका खोजा
रूसी वैज्ञानिकों ने बदलते मौसम से फसलों को बचाने का नया तरीका खोजा
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शोधकर्ताओं के अनुसार उनकी इस खोज से अनाज की फसलों को बहुत ज्यादा गर्मी और सूखे के हिसाब से ढलने में सक्षम बनाया जा सकता हैं और यह सब रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पीशीज़ (ROS) द्वारा एक जैविक अलार्म प्रणाली की तरह काम करने से संभव होता है।
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यह नियंत्रित ROS प्रक्रिया पौधों के रक्षा तंत्र को सक्रिय कर देती है। इसके परिणामस्वरूप, पौधों की कोशिकाओं के अंदर 'स्ट्रेस मेमोरी' विकसित होती है, जो उन्हें भविष्य में आने वाले पर्यावरणीय संकटों से बचाती है।वैज्ञानिकों का मानना है कि पौधों की यह अनुकूलन क्षमता उनकी आने वाली पीढ़ियों को विरासत में मिल सकती है। इसकी मदद से 'प्लांट ब्रीडिंग' (फसलों के संकरण) के जरिए ऐसी उन्नत किस्में विकसित की जा सकेंगी, जो लंबे समय तक जलवायु परिवर्तन के खतरों को झेलने में सक्षम होंगी। यह खोज ब्रीडर्स को गेहूं, चावल, जौ और ज्वार की जलवायु-लचीली किस्में विकसित करने में मदद कर सकती है।यह खोज मुख्य फसलों पर बढ़ते दबाव को कम करने और वैश्विक खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक नया तरीका प्रदान करती है।
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रूसी वैज्ञानिकों ने बदलते मौसम से फसलों को बचाने का नया तरीका खोजा
11:16 10.08.2026 (अपडेटेड: 11:18 10.08.2026) दक्षिणी यूराल राज्य विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक बड़ी खोज की है। इसके जरिए अनाज की फसलों को भीषण गर्मी और सूखे से बेअसर बनाया जा सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह पूरी प्रक्रिया 'रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पीशीज़' (ROS) के कारण संभव होती है, जो पौधों के भीतर एक जैविक अलार्म सिस्टम की तरह काम करता है।
यह नियंत्रित ROS प्रक्रिया पौधों के रक्षा तंत्र को सक्रिय कर देती है। इसके परिणामस्वरूप, पौधों की कोशिकाओं के अंदर 'स्ट्रेस मेमोरी' विकसित होती है, जो उन्हें भविष्य में आने वाले पर्यावरणीय संकटों से बचाती है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि पौधों की यह अनुकूलन क्षमता उनकी आने वाली पीढ़ियों को विरासत में मिल सकती है। इसकी मदद से 'प्लांट ब्रीडिंग' (फसलों के संकरण) के जरिए ऐसी
उन्नत किस्में विकसित की जा सकेंगी, जो लंबे समय तक जलवायु परिवर्तन के खतरों को झेलने में सक्षम होंगी। यह खोज ब्रीडर्स को गेहूं, चावल, जौ और ज्वार की जलवायु-लचीली किस्में विकसित करने में मदद कर सकती है।
यह खोज मुख्य फसलों पर बढ़ते दबाव को कम करने और
वैश्विक खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक नया तरीका प्रदान करती है।