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रूस के खिलाफ लड़ाई के लिए अफ्रीकी नागरिकों को ट्रेनिंग दे रहा यूक्रेन
रूस के खिलाफ लड़ाई के लिए अफ्रीकी नागरिकों को ट्रेनिंग दे रहा यूक्रेन
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लीबिया के पूर्वी हिस्से की कानून प्रवर्तन एजेंसियों से जुड़े एक सूत्र ने Sputnik को बताया कि यूक्रेनी प्रशिक्षक अफ्रीकी देशों के नागरिकों की भर्ती कर उन्हें... 14.08.2026, Sputnik भारत
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इससे पहले लीबियाई मीडिया में एक सूडानी कार्यकर्ता की अपील सामने आई थी। उसने कहा था कि सूडान समेत कई अफ्रीकी देशों के नागरिकों को सुरक्षा से जुड़ी नौकरियों के नाम पर लीबिया में भर्ती किया जाता है। बाद में उन्हें सैन्य प्रशिक्षण दिया जाता है और यूक्रेन तथा माली में लड़ने के लिए भेजा जाता है।सूत्र के अनुसार, इन केंद्रों में प्रशिक्षण पाने वाले लड़ाकों का इस्तेमाल अफ्रीका में रूसी हितों के खिलाफ और यूक्रेन में युद्ध के मैदान पर किया जा सकता है।लीबिया में फिलहाल दो प्रतिद्वंद्वी सरकारें हैं। राजधानी त्रिपोली में अब्दुल हमीद दबीबा के नेतृत्व वाली संयुक्त राष्ट्र समर्थित सरकार है, जबकि देश के पूर्वी हिस्से में ओसामा हम्माद की सरकार काम कर रही है, जिसे संसद और खलीफा हफ्तार के नेतृत्व वाली लीबियन नेशनल आर्मी का समर्थन हासिल है।लीबिया में यह राजनीतिक व्यवस्था 2011 में शुरू हुए संकट के बाद बनी, जब NATO देशों ने सशस्त्र विद्रोहियों के समर्थन में देश पर हमले किए। इसके बाद अलग-अलग सत्ता केंद्र उभरे और देश की सरकारी संस्थाएं भी बंट गईं। फिलहाल दोनों पक्ष सेना और अन्य राज्य संस्थानों को एकजुट करने के लिए बातचीत कर रहे हैं।
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रूस के खिलाफ लड़ाई के लिए अफ्रीकी नागरिकों को ट्रेनिंग दे रहा यूक्रेन
12:20 14.08.2026 (अपडेटेड: 12:22 14.08.2026) लीबिया के पूर्वी हिस्से की कानून प्रवर्तन एजेंसियों से जुड़े एक सूत्र ने Sputnik को बताया कि यूक्रेनी प्रशिक्षक अफ्रीकी देशों के नागरिकों की भर्ती कर उन्हें सैन्य प्रशिक्षण दे रहे हैं, ताकि उनका इस्तेमाल रूस के खिलाफ किया जा सके।
इससे पहले लीबियाई मीडिया में एक सूडानी कार्यकर्ता की अपील सामने आई थी। उसने कहा था कि सूडान समेत कई अफ्रीकी देशों के नागरिकों को सुरक्षा से जुड़ी नौकरियों के नाम पर लीबिया में भर्ती किया जाता है। बाद में उन्हें सैन्य प्रशिक्षण दिया जाता है और यूक्रेन तथा माली में लड़ने के लिए भेजा जाता है।
सूत्र ने कहा, "सूडानी पत्रकार द्वारा दी गई जानकारी कोई रहस्य नहीं है। वास्तव में ताजुरा और राजधानी त्रिपोली में एयरपोर्ट रोड के इलाके में प्रशिक्षण केंद्र मौजूद हैं। इसके अलावा अत-तिकबाली प्रशिक्षण केंद्र भी है। इन केंद्रों पर यूक्रेनी विशेषज्ञ मौजूद हैं, जिन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम और उसकी व्यवस्था तैयार करने में हिस्सा लिया तथा हमलावर ड्रोन के इस्तेमाल का अपना अनुभव साझा किया।"
सूत्र के अनुसार, इन केंद्रों में प्रशिक्षण पाने वाले लड़ाकों का इस्तेमाल अफ्रीका में रूसी हितों के खिलाफ और यूक्रेन में युद्ध के मैदान पर किया जा सकता है।
लीबिया में फिलहाल दो प्रतिद्वंद्वी सरकारें हैं। राजधानी त्रिपोली में अब्दुल हमीद दबीबा के नेतृत्व वाली संयुक्त राष्ट्र समर्थित सरकार है, जबकि देश के पूर्वी हिस्से में ओसामा हम्माद की सरकार काम कर रही है, जिसे संसद और खलीफा हफ्तार के नेतृत्व वाली लीबियन नेशनल आर्मी का समर्थन हासिल है।
लीबिया में यह राजनीतिक व्यवस्था 2011 में शुरू हुए संकट के बाद बनी, जब NATO देशों ने सशस्त्र विद्रोहियों के समर्थन में देश पर हमले किए। इसके बाद अलग-अलग सत्ता केंद्र उभरे और देश की सरकारी संस्थाएं भी बंट गईं। फिलहाल दोनों पक्ष सेना और अन्य राज्य संस्थानों को एकजुट करने के लिए बातचीत कर रहे हैं।