ईरान के अधिकारियों ने होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने के लिए बताईं शर्तें

© AP Photo / Vahid Salemi
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ईरानी संसद के स्पीकर और US के साथ बातचीत में ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद-बाघेर गालिबाफ ने कहा कि ईरान तब तक होर्मुज़ स्ट्रेट नहीं खोलेगा जब तक जून महीने में साइन किए गए इस समझौते के मुताबिक अमेरिका शर्तें पूरी नहीं कर देता।
टेलीग्राम चैनल पर जारी बयान में कहा गया है, "जब तक अमेरिकी नाकाबंदी नहीं हटाई जाती, फ्रीज़ की गई संपत्तियों से रोक नहीं हटाई जाती, तेल पर लगे प्रतिबंध नहीं हटाए जाते, आए दिन दी जाने वाली धमकियां बंद नहीं की जाती और सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ समझौते ज्ञापन की अन्य शर्तें पूरी नहीं की जातीं तब होर्मुज़ स्ट्रेट तब तक नहीं खुलेगा।"
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 जुलाई को ऐलान किया कि 18 जून की रात को ईरान के साथ हुआ युद्ध विराम अब मान्य नहीं है। और अमेरिकी सैनिकों ने 8 जुलाई से ईरान पर कई हमले किए।
वहीं US सेंट्रल कमांड ने इन हमलों को लेकर दावा किया कि यह ईरान के व्यापारिक जहाजों के खिलाफ कार्रवाई के जवाब में किया गया था, जो होर्मुज़ स्ट्रेट को पार कर गए थे।
28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला किया जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत हो गई, जिसके जवाब में तेहरान ने मध्य पूर्व के कई देशों में मौजूद अमेरिकी बेस पर हमले किए, और होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद कर दिया, और वॉशिंगटन पर लड़ाई खत्म करने के किए गए समझौते के उल्लंघन का भी आरोप लगाया।
वहीं US सेंट्रल कमांड ने इन हमलों को लेकर दावा किया कि यह ईरान के व्यापारिक जहाजों के खिलाफ कार्रवाई के जवाब में किया गया था, जो होर्मुज़ स्ट्रेट को पार कर गए थे।
28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला किया जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत हो गई, जिसके जवाब में तेहरान ने मध्य पूर्व के कई देशों में मौजूद अमेरिकी बेस पर हमले किए, और होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद कर दिया, और वॉशिंगटन पर लड़ाई खत्म करने के किए गए समझौते के उल्लंघन का भी आरोप लगाया।

