https://hindi.sputniknews.in/20260916/pshchimii-netaaon-ke-lie-riuus-viriodh-bnaa-chyn-kaa-paimaanaa-jkhaariovaa-12318408.html
पश्चिमी नेताओं के लिए रूस-विरोध बना चयन का पैमाना: ज़खारोवा
पश्चिमी नेताओं के लिए रूस-विरोध बना चयन का पैमाना: ज़खारोवा
Sputnik भारत
पश्चिम में नेताओं और अधिकारियों के चयन के दौरान उनकी लोकप्रियता के बजाय रूस-विरोधी रुख को महत्व दिया जाता है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा... 16.09.2026, Sputnik भारत
2026-09-16T16:13+0530
2026-09-16T16:13+0530
2026-09-16T16:13+0530
विश्व
रूस
मारिया ज़खारोवा
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e9/05/0c/9109688_0:0:3071:1728_1920x0_80_0_0_058b47713a684e05f936d7b21a8dbe43.jpg
ज़खारोवा ने कहा कि ऐसे लोगों को जनता ने मतदान के जरिए नहीं चुना और न ही जनमत सर्वेक्षणों में उनकी लोकप्रियता को आधार बनाया गया। हालांकि, उनके मुताबिक, इन पदों के लिए उम्मीदवारों की छंटनी जरूर की गई।रूसी प्रवक्ता ने अमेरिका की पूर्व व्हाइट हाउस प्रेस सचिव जेन साकी का उदाहरण देते हुए कहा कि उनमें कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़ी गहरी पेशेवर समझ का अभाव था। साथ ही, वह उन देशों के इतिहास से भी परिचित नहीं थीं जिनके बारे में बयान देती थीं। ज़खारोवा के अनुसार, इसी वजह से उनके कई बयान दुनिया भर में मजाक बन गए।ज़खारोवा ने कहा कि पश्चिम को अब केवल रूस-विरोधी बयान पढ़ने या रूस के बारे में झूठी बातें फैलाने वाले लोग ही नहीं चाहिए। उनके मुताबिक, चयनित अधिकारियों से अपने पूरे व्यवहार के जरिए रूस के प्रति शत्रुता फैलाने की अपेक्षा की जाती है।
https://hindi.sputniknews.in/20260916/vrildfuud-msko-men-khulaa-indiyaa-pveliyn-riuus-ko-khaady-niriyaat-bdhaane-pri-jori-12317319.html
रूस
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
2026
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
खबरें
hi_IN
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e9/05/0c/9109688_207:0:2938:2048_1920x0_80_0_0_848787eb0638bfa1804598ff0a375563.jpgSputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
रूस , मारिया ज़खारोवा
पश्चिमी नेताओं के लिए रूस-विरोध बना चयन का पैमाना: ज़खारोवा
पश्चिम में नेताओं और अधिकारियों के चयन के दौरान उनकी लोकप्रियता के बजाय रूस-विरोधी रुख को महत्व दिया जाता है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने यह दावा किया।
ज़खारोवा ने कहा कि ऐसे लोगों को जनता ने मतदान के जरिए नहीं चुना और न ही जनमत सर्वेक्षणों में उनकी लोकप्रियता को आधार बनाया गया। हालांकि, उनके मुताबिक, इन पदों के लिए उम्मीदवारों की छंटनी जरूर की गई।
उन्होंने कहा, "उनसे केवल एक ही चीज की मांग थी, कट्टर रूस-विरोध। दूसरी बेहद अहम योग्यता थी तथ्यों की बिल्कुल जानकारी न होना और आंकड़ों का इस्तेमाल न कर पाना, ताकि वे किसी विश्लेषणात्मक निष्कर्ष तक न पहुंच जाएं।"
रूसी प्रवक्ता ने अमेरिका की पूर्व व्हाइट हाउस प्रेस सचिव जेन साकी का उदाहरण देते हुए कहा कि उनमें कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़ी गहरी पेशेवर समझ का अभाव था। साथ ही, वह उन देशों के इतिहास से भी परिचित नहीं थीं जिनके बारे में बयान देती थीं। ज़खारोवा के अनुसार, इसी वजह से उनके कई बयान दुनिया भर में मजाक बन गए।
ज़खारोवा ने कहा कि पश्चिम को अब केवल रूस-विरोधी बयान पढ़ने या रूस के बारे में झूठी बातें फैलाने वाले लोग ही नहीं चाहिए। उनके मुताबिक, चयनित अधिकारियों से अपने पूरे व्यवहार के जरिए रूस के प्रति शत्रुता फैलाने की अपेक्षा की जाती है।