दुनिया के नियम बनाने में हमारी भी भूमिका हो: संयुक्त राष्ट्र में भारत ने उठाई ग्लोबल साउथ की आवाज
10:47 26.09.2026 (अपडेटेड: 10:52 26.09.2026)

© Photo : X/@IndiaUNNewYork
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भारत ने कहा है कि विकासशील देशों को वैश्विक फैसलों में अधिक भागीदारी मिलनी चाहिए। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने ग्रुप ऑफ 77 (G77) के विदेश मंत्रियों की 50वीं वार्षिक बैठक में भारत की ओर से वक्तव्य दिया।
बैठक का विषय 'वैश्विक दक्षिण और बहुपक्षवाद का भविष्य' था। मिसरी ने कहा कि आम लोगों की जरूरतों और विकास को केंद्र में रखने वाली अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए G77 की भूमिका आज भी अहम है।
भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया, ताकि विकासशील देशों को उसमें अधिक प्रतिनिधित्व और अपनी बात रखने का बेहतर अवसर मिले।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के कार्यालय ने बैठक के बाद X पर लिखा कि वैश्विक दक्षिण के देशों को "नियमों का पालन करने वालों से नियमों को आकार देने वालों" की भूमिका में लाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
#IndiaAtUN
— India at UN, NY (@IndiaUNNewYork) September 25, 2026
Foreign Secretary @VikramMisri delivered 🇮🇳’s national statement at the 50th Annual Meeting of Ministers for Foreign Affairs of the Group of 77 on the theme “The Global South and the Future of Multilateralism”, during #UNGA81 in New York.
➡️ Highlighted the continued… pic.twitter.com/Ti5i6M2715