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यूक्रेन युद्ध में यूरोप की भागीदारी के होंगे परिणाम: क्रेमलिन
यूक्रेन युद्ध में यूरोप की भागीदारी के होंगे परिणाम: क्रेमलिन
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क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने बुधवार को कहा कि यूक्रेन का समर्थन कर रहे कई यूरोपीय देश इस युद्ध में सीधे भागीदार बन चुके हैं और ऐसी भागीदारी के... 01.10.2026, Sputnik भारत
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पेसकोव ने यह टिप्पणी रूस के कलिनिनग्राद क्षेत्र की सुरक्षा और यूरोप में तेज होती सैन्य गतिविधियों से जुड़े सवाल के जवाब में की। उन्होंने कहा कि कलिनिनग्राद रूस का अभिन्न हिस्सा है और देश अपने कानूनों के अनुरूप इस क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।यूरोपीय देशों को लेकर क्या बोले पेसकोव?पेसकोव ने कहा कि यूरोप में तेजी से सैन्यीकरण हो रहा है और कई देश यूक्रेन को हथियार, गोला-बारूद, सैन्य उपकरण और प्रशिक्षक उपलब्ध करा रहे हैं।NATO की परमाणु तैनाती से बढ़ेगा तनावक्रेमलिन के प्रवक्ता ने यूरोप की सुरक्षा नीति पर भी सवाल उठाया। उनके मुताबिक यूरोपीय देश तनाव कम करने के रास्ते तलाशने के बजाय NATO के मॉडल पर अपनी सुरक्षा व्यवस्था तैयार कर रहे हैं।पेसकोव ने कहा कि जो देश रूसी सीमाओं के पास परमाणु हथियार तैनात करके खुद को सुरक्षित समझते हैं, वे "गंभीर भ्रम" में हैं।यूक्रेन वार्ता के करीब नहीं पहुंचायूक्रेन संकट के कूटनीतिक समाधान पर पेसकोव ने कहा कि पिछले एक साल में यूक्रेन वार्ता के करीब नहीं आया है। उन्होंने यूरोप पर बातचीत की प्रक्रिया दोबारा शुरू होने में बाधा डालने का आरोप लगाया।उनके मुताबिक यूरोप में रूस के साथ संवाद बहाल करने की जरूरत पर कुछ आवाजें जरूर सुनाई दे रही हैं, लेकिन ये बयान अभी तक किसी ठोस कदम में नहीं बदले हैं।रूस-अमेरिका संवाद जारीपेसकोव ने बताया कि रूस और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच कामकाजी स्तर पर संपर्क जारी हैं। रूसी राष्ट्रपति के विशेष प्रतिनिधि किरिल दिमित्रियेव दोनों देशों के लिए लाभकारी आर्थिक परियोजनाओं पर चर्चा कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि अमेरिका आर्थिक सहयोग को यूक्रेन समाधान से जोड़ रहा है, जबकि रूस का मानना है कि दोनों देश इंतजार किए बिना अभी से साझा परियोजनाओं पर काम कर सकते हैं।पेसकोव ने रूस और अमेरिका के बीच जारी संपर्क और संवाद को "बेहद सकारात्मक प्रक्रिया" बताया।
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यूक्रेन युद्ध में यूरोप की भागीदारी के होंगे परिणाम: क्रेमलिन
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने बुधवार को कहा कि यूक्रेन का समर्थन कर रहे कई यूरोपीय देश इस युद्ध में सीधे भागीदार बन चुके हैं और ऐसी भागीदारी के विभिन्न परिणाम हो सकते हैं।
पेसकोव ने यह टिप्पणी रूस के कलिनिनग्राद क्षेत्र की सुरक्षा और यूरोप में तेज होती सैन्य गतिविधियों से जुड़े सवाल के जवाब में की। उन्होंने कहा कि कलिनिनग्राद रूस का अभिन्न हिस्सा है और देश अपने कानूनों के अनुरूप इस क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
यूरोपीय देशों को लेकर क्या बोले पेसकोव?
पेसकोव ने कहा कि यूरोप में तेजी से सैन्यीकरण हो रहा है और कई देश यूक्रेन को हथियार, गोला-बारूद, सैन्य उपकरण और प्रशिक्षक उपलब्ध करा रहे हैं।
उन्होंने कहा, "इनमें से कई देश सीधे तौर पर इस युद्ध में भागीदार हैं। यदि आप किसी एक पक्ष की ओर से युद्ध में शामिल होते हैं, तो इसके अलग-अलग तरह के परिणाम होना स्वाभाविक है।"
NATO की परमाणु तैनाती से बढ़ेगा तनाव
क्रेमलिन के प्रवक्ता ने यूरोप की सुरक्षा नीति पर भी सवाल उठाया। उनके मुताबिक यूरोपीय देश तनाव कम करने के रास्ते तलाशने के बजाय NATO के मॉडल पर अपनी सुरक्षा व्यवस्था तैयार कर रहे हैं।
पेसकोव ने कहा कि जो देश रूसी सीमाओं के पास परमाणु हथियार तैनात करके खुद को सुरक्षित समझते हैं, वे "गंभीर भ्रम" में हैं।
उन्होंने कहा, "NATO उन्हें सुरक्षा नहीं देगा। इसके विपरीत, यह तनाव और टकराव को आगे बढ़ाने वाला साधन बनेगा।"
यूक्रेन वार्ता के करीब नहीं पहुंचा
यूक्रेन संकट के कूटनीतिक समाधान पर पेसकोव ने कहा कि पिछले एक साल में यूक्रेन वार्ता के करीब नहीं आया है। उन्होंने यूरोप पर बातचीत की प्रक्रिया दोबारा शुरू होने में बाधा डालने का आरोप लगाया।
उनके मुताबिक यूरोप में रूस के साथ संवाद बहाल करने की जरूरत पर कुछ आवाजें जरूर सुनाई दे रही हैं, लेकिन ये बयान अभी तक किसी ठोस कदम में नहीं बदले हैं।
पेसकोव ने बताया कि रूस और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच कामकाजी स्तर पर संपर्क जारी हैं। रूसी राष्ट्रपति के विशेष प्रतिनिधि किरिल दिमित्रियेव दोनों देशों के लिए लाभकारी आर्थिक परियोजनाओं पर चर्चा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिका आर्थिक सहयोग को यूक्रेन समाधान से जोड़ रहा है, जबकि रूस का मानना है कि दोनों देश इंतजार किए बिना अभी से साझा परियोजनाओं पर काम कर सकते हैं।
पेसकोव ने रूस और अमेरिका के बीच जारी संपर्क और संवाद को "बेहद सकारात्मक प्रक्रिया" बताया।