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12वीं आंद्रेई स्तेनिन फोटो प्रतियोगिता के विजेताओं का ऐलान, भारतीय फोटोग्राफर भी सम्मानित

© Photo : Mehr/ Fatemeh AmuzadVisitors at the exhibition of laureates of the 2024 Andrei Stenin International Photojournalism Contest in Tehran, Iran
Visitors at the exhibition of laureates of the 2024 Andrei Stenin International Photojournalism Contest in Tehran, Iran - Sputnik भारत, 1920, 21.10.2026
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12वीं आंद्रेई स्तेनिन अंतरराष्ट्रीय प्रेस फोटो प्रतियोगिता का सर्वोच्च पुरस्कार लेबनान के फोटोग्राफर अब्दुल कादिर अल-बाय को मिला। विजेताओं की घोषणा बुधवार, 21 अक्टूबर को मॉस्को संग्रहालय में आयोजित पुरस्कार समारोह में की गई।
अंतरराष्ट्रीय निर्णायक मंडल ने अल-बाय की फोटो शृंखला ‘लेबनान, 2024–2025: हवाई हमलों के बीच जिंदगी’ को सर्वसम्मति से ग्रां प्री के लिए चुना। उनकी यह कृति ‘टॉप न्यूज’ की फोटो शृंखला श्रेणी में शामिल थी।
लेबनान में Sputnik के संवाददाता अल-बाय ने बताया, “सितंबर 2024 में लेबनान एक भीषण सैन्य संघर्ष की चपेट में आ गया। पूरा देश इजरायली हवाई हमलों की जद में आ गया। कई लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े। ये तस्वीरें लेबनान के अलग-अलग हिस्सों में ली गई हैं। इनमें हमलों के तुरंत बाद के क्षणों और बचाव अभियानों को दर्ज किया गया है। ये तस्वीरें दिखाती हैं कि आम लोग युद्ध और नुकसान का सामना कैसे करते हैं और जीवित रहने के लिए किस तरह संघर्ष करते हैं।”
समारोह में सर्वोच्च पुरस्कार के अलावा छह श्रेणियों के विजेताओं की भी घोषणा की गई।

‘टॉप न्यूज’ और ‘स्पोर्ट्स’ में इन तस्वीरों ने जीते पुरस्कार

‘टॉप न्यूज’ की एकल फोटो श्रेणी में बांग्लादेश के एस. एम. अल मुज्तबा रसूल की तस्वीर ‘आसमान की छत, राख का फर्श’ को पहला स्थान मिला। इसमें आग में अपने घर खो चुके लोगों की कहानी दिखाई गई है, जिन्होंने हौसले, आपसी सहयोग और बाहरी मदद के सहारे मुश्किलों का सामना किया।
इसी श्रेणी में फोटो शृंखला का प्रथम पुरस्कार रूसी फोटोग्राफर सर्गेई बोबिलेव को ‘युद्ध की गूंज’ के लिए दिया गया। यह शृंखला कुर्स्क क्षेत्र के सुद्झा और कई अन्य बस्तियों को रूसी सेना द्वारा यूक्रेनी सेना से वापस अपने नियंत्रण में लेने की घटनाओं को दर्शाती है।
‘स्पोर्ट्स’ की एकल फोटो श्रेणी में रूस के येवगेनी फिलिप्पोव ने ‘अंतिम चरण’ के लिए शीर्ष पुरस्कार जीता। इस तस्वीर में राष्ट्रीय गोताखोरी प्रतियोगिता क्रेमलिन कप के फाइनल से पहले खिलाड़ी वार्मअप करते नजर आते हैं।

‘माई प्लैनेट’ में दिखीं किसानों और युद्ध प्रभावित बस्तियों की कहानियां

प्रतियोगिता की सबसे लोकप्रिय श्रेणी ‘माई प्लैनेट’ में बांग्लादेश के सुलेमान हुसैन ने अपनी तस्वीर ‘रेतीले टापू पर जिंदगी’ के लिए पहला स्थान हासिल किया। इसमें दिखाया गया है कि किसान नदी के बदलते जलस्तर के अनुसार अपनी जिंदगी और कामकाज को कैसे ढालते हैं।
इसी श्रेणी में फोटो शृंखला का शीर्ष पुरस्कार रूस की अलीसा सेवेरनाया को ‘हम यहीं रहते हैं’ के लिए मिला। यह शृंखला युद्ध से तबाह बस्तियों में उन लोगों की जिंदगी को सामने लाती है, जो चारों ओर विनाश के बावजूद अपने घरों में रह रहे हैं।

महादेव की तस्वीर के लिए अर्पण बसु चौधरी सम्मानित

‘पोर्ट्रेट: हमारे समय का नायक’ श्रेणी में भारत और रूस के फोटो पत्रकारों को पुरस्कार मिले।
भारतीय फोटोग्राफर अर्पण बसु चौधरी को उनकी तस्वीर ‘आस्था की दृष्टि’ के लिए सम्मानित किया गया। इसमें मुकुट पर झिलमिलाती रोशनी और घूमती चिंगारियां मिलकर ऐसा दृश्य रचती हैं, मानो समय स्वयं महादेव के आगे नतमस्तक हो गया हो।
रूसी फोटो पत्रकार मारिया सेम्योनोवा को उनकी फोटो शृंखला ‘अंधेरे में सपने’ के लिए पुरस्कार मिला। यह शृंखला लैंगिक भेदभाव और अधिकारों के व्यवस्थित उल्लंघन के बीच जी रही अफगान महिलाओं को दर्शाती है।
‘टॉप व्यू’ की एकल फोटो श्रेणी में बांग्लादेश के मुहम्मद इमदाद हुसैन की तस्वीर ‘नदी किनारे जुमे की नमाज’ को निर्णायक मंडल का पुरस्कार मिला।
विशेष श्रेणी ‘जीवन की ऊर्जा’ में पावेल वोल्कोव की फोटो शृंखला ‘शोकगीत’ को शीर्ष पुरस्कार दिया गया। इसमें उन लोगों की जिंदगी दिखाई गई है, जो लड़ाई खत्म होने के बाद अपने शहरों में बने हुए हैं और उम्मीद नहीं छोड़ते।

कई देशों में प्रदर्शित होंगी विजेता तस्वीरें

मॉस्को में आयोजित समारोह के साथ विजेता तस्वीरों की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी यात्रा भी शुरू हुई। इसके तहत इन कृतियों को कई देशों की प्रमुख कला दीर्घाओं में प्रदर्शित किया जा रहा है।
मॉस्को संग्रहालय में विजेता तस्वीरों की प्रदर्शनी 10 नवंबर तक खुली रहेगी।

युवा फोटो पत्रकारों को समर्पित है प्रतियोगिता

इस प्रतियोगिता का नाम अंतरराष्ट्रीय मीडिया समूह ‘रोसिया सेगोदन्या’ के विशेष फोटो संवाददाता आंद्रेई स्तेनिन की स्मृति में रखा गया है। ‘ऑर्डर ऑफ करेज’ से सम्मानित स्तेनिन की 2014 की गर्मियों में डोनेट्स्क के पास मौत हो गई थी।
‘रोसिया सेगोदन्या’ ने दिसंबर 2014 में प्रतियोगिता शुरू की थी। इसका उद्देश्य युवा फोटो पत्रकारों को सहयोग देकर स्तेनिन की स्मृति को जीवित रखना और आधुनिक फोटो पत्रकारिता में पेश आने वाले दबावों की ओर ध्यान आकर्षित करना है।
वर्ष 2026 में अपने 12वें वर्ष में पहुंची यह प्रतियोगिता युवा फोटो पत्रकारों को समर्पित रूस का एकमात्र अंतरराष्ट्रीय मंच है।
इसमें ‘टॉप न्यूज’, ‘स्पोर्ट्स’, ‘माई प्लैनेट’, ‘पोर्ट्रेट: हमारे समय का नायक’ और ‘टॉप व्यू’ श्रेणियां शामिल हैं। एकल तस्वीरों और फोटो शृंखलाओं के लिए अलग-अलग पुरस्कार दिए जाते हैं।
वर्ष 2026 में 34 वर्ष से अधिक उम्र के फोटोग्राफरों के लिए ‘जीवन की ऊर्जा’ नाम से एक विशेष श्रेणी भी शुरू की गई।
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