रूस आर्कटिक में अमेरिका के साथ काम करने की संभावना तलाश रहा है

© AP Photo / Andrei Pronin
सब्सक्राइब करें
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि रूसी गैस से इनकार कर यूरोप अपने उद्योग और सामाजिक क्षेत्र को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने वैश्विक गैस आपूर्ति में गंभीर बाधाओं और ऊर्जा की बढ़ती लागत को लेकर भी आगाह किया।
पुतिन ने मॉस्को में गैस निर्यातक देशों के फोरम (GECF) के शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि रूस को वैश्विक गैस बाजार से बाहर करने की कोशिशों के गंभीर परिणाम हो रहे हैं और दूसरे देशों की लागत बढ़ रही है।
रूसी राष्ट्रपति के संबोधन की प्रमुख बातें:
रूस के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस भंडार है। वह वैश्विक बाजार का प्रमुख खिलाड़ी और विदेशी ग्राहकों के लिए भरोसेमंद आपूर्तिकर्ता बना हुआ है।
GECF सदस्य देशों के पास दुनिया के करीब 70 प्रतिशत गैस भंडार हैं और वैश्विक गैस निर्यात में उनकी हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत है।
वैश्विक गैस उद्योग गंभीर बाधाओं का सामना कर रहा है और बाजार से बड़ी मात्रा में आपूर्ति गायब हो रही है। कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, लेकिन उतनी ही तेजी से गिर भी सकती हैं।
वैश्विक ऊर्जा खपत में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी पहले ही करीब एक चौथाई है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में इसकी भूमिका बढ़ने की उम्मीद है।
सदी के मध्य तक दुनिया में गैस की मांग सालाना 5.5 ट्रिलियन घन मीटर तक पहुंच सकती है, जबकि अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति 1.7 ट्रिलियन घन मीटर हो सकती है।
वैश्विक गैस व्यापार का करीब आधा हिस्सा अब तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) का है। गैस निर्यातक देशों को सहयोग बढ़ाने, अपनी तकनीक विकसित करने और आपूर्ति मार्गों को बेहतर बनाने की जरूरत है।
