https://hindi.sputniknews.in/20261102/bhaarit-ke-svchchh-uurijaa-kshetr-men-2030-tk-20-laakh-kriod-riupye-ke-nivesh-avsri-modii-12769912.html
भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में 2030 तक 20 लाख करोड़ रुपये के निवेश अवसर: मोदी
भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में 2030 तक 20 लाख करोड़ रुपये के निवेश अवसर: मोदी
Sputnik भारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में इस दशक के अंत तक 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश अवसर पैदा होने का अनुमान है। उन्होंने... 02.11.2026, Sputnik भारत
2026-11-02T19:45+0530
2026-11-02T19:45+0530
2026-11-02T19:45+0530
व्यापार और अर्थव्यवस्था
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07ea/0a/01/12457433_18:0:1188:658_1920x0_80_0_0_51f9b7400a8cbf90b6e27f3223035284.jpg
नई दिल्ली के भारत मंडपम में भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 2026 का उद्घाटन करते हुए मोदी ने कहा कि कोविड महामारी से लेकर पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट तक वैश्विक अर्थव्यवस्था ने कई बड़े झटकों का सामना किया है। इसके बावजूद भारत की विकास दर ऊंची बनी रही।ऊर्जा सुरक्षा का भविष्य स्वच्छ ऊर्जा मेंप्रधानमंत्री के अनुसार, मौजूदा वैश्विक संकट ने स्पष्ट कर दिया है कि ऊर्जा सुरक्षा सीधे तौर पर आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी हुई है।उन्होंने कहा कि जीवाश्म ईंधन के भंडार सीमित हैं और कुछ क्षेत्रों में केंद्रित हैं, जबकि नवीकरणीय ऊर्जा की संभावनाएं असीमित हैं और प्रत्येक देश इसका लाभ उठा सकता है।पांच साल पहले हासिल किया लक्ष्यमोदी ने बताया कि भारत ने अपने पेरिस जलवायु संकल्प के तहत कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता का आधा हिस्सा गैर-जीवाश्म स्रोतों से हासिल करने का लक्ष्य रखा था। देश ने यह लक्ष्य 2025 में ही पूरा कर लिया, जो निर्धारित समय से पांच वर्ष पहले है।प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत की 50 प्रतिशत से अधिक स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता गैर-जीवाश्म स्रोतों पर आधारित है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत सौर और नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के मामले में दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल है।स्वच्छ ऊर्जा में बढ़ता निवेशप्रधानमंत्री के अनुसार, पिछले एक दशक में भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आया है। वर्ष 2024 के री-इन्वेस्ट शिखर सम्मेलन के बाद केवल दो वर्षों में इस क्षेत्र को 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश मिला।मोदी ने कहा कि इस दशक के अंत तक भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश अवसर पैदा होने का अनुमान है।घरों और किसानों तक पहुंच रही सौर ऊर्जामोदी ने कहा कि फरवरी 2024 में शुरू की गई पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से अब तक 65 लाख से अधिक परिवार जुड़ चुके हैं। एक अध्ययन के अनुसार, इन परिवारों के बिजली बिल में औसतन करीब 76 प्रतिशत की कमी आई है। कई परिवारों का बिजली बिल शून्य हो गया है, जबकि कुछ परिवार अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर आय भी अर्जित कर रहे हैं।उन्होंने बताया कि पीएम-कुसुम योजना के तहत 30 लाख से अधिक किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे प्रत्येक लाभार्थी किसान को सालाना करीब एक लाख रुपये की बचत हो रही है।अफ्रीका के लिए 20 करोड़ डॉलर की सौर सुविधाप्रधानमंत्री ने कहा कि भारत चाहता है कि नवीकरणीय ऊर्जा के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता, तकनीक और विशेषज्ञता प्रत्येक जरूरतमंद देश तक पहुंचे।मोदी ने बताया कि इसी उद्देश्य से अफ्रीका के लिए 20 करोड़ डॉलर की ‘अफ्रीका सोलर फैसिलिटी’ का प्रस्ताव रखा गया है।उन्होंने कहा कि आने वाला दशक वैश्विक जलवायु लक्ष्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा और प्रत्येक देश तथा क्षेत्र को स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन का भागीदार बनाना आवश्यक है।
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
2026
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
खबरें
hi_IN
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07ea/0a/01/12457433_165:0:1042:658_1920x0_80_0_0_e10d0ea28085906703845dba6fe10b9b.jpgSputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में 2030 तक 20 लाख करोड़ रुपये के निवेश अवसर: मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में इस दशक के अंत तक 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश अवसर पैदा होने का अनुमान है। उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा को आर्थिक सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि भविष्य की ऊर्जा जरूरतों का समाधान स्वच्छ ऊर्जा में है।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 2026 का उद्घाटन करते हुए मोदी ने कहा कि कोविड महामारी से लेकर पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट तक वैश्विक अर्थव्यवस्था ने कई बड़े झटकों का सामना किया है। इसके बावजूद भारत की विकास दर ऊंची बनी रही।
मोदी ने कहा, "अगर भारत ने पिछले एक दशक में स्वच्छ ऊर्जा में निवेश नहीं किया होता और इसके लिए नई व्यवस्थाएं नहीं बनाई होतीं, तो हमारे लिए संकट दुनिया के बाकी हिस्सों की तुलना में कहीं अधिक गंभीर हो सकता था।"
ऊर्जा सुरक्षा का भविष्य स्वच्छ ऊर्जा में
प्रधानमंत्री के अनुसार, मौजूदा वैश्विक संकट ने स्पष्ट कर दिया है कि ऊर्जा सुरक्षा सीधे तौर पर आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी हुई है।
मोदी ने कहा, "ऊर्जा सुरक्षा का भविष्य स्वच्छ ऊर्जा में है। अगर हम आगे भी जीवाश्म ईंधन पर बहुत अधिक निर्भर रहे, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था बार-बार बाधित होती रहेगी।"
उन्होंने कहा कि जीवाश्म ईंधन के भंडार सीमित हैं और कुछ क्षेत्रों में केंद्रित हैं, जबकि नवीकरणीय ऊर्जा की संभावनाएं असीमित हैं और प्रत्येक देश इसका लाभ उठा सकता है।
पांच साल पहले हासिल किया लक्ष्य
मोदी ने बताया कि भारत ने अपने पेरिस जलवायु संकल्प के तहत कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता का आधा हिस्सा गैर-जीवाश्म स्रोतों से हासिल करने का लक्ष्य रखा था। देश ने यह लक्ष्य 2025 में ही पूरा कर लिया, जो निर्धारित समय से पांच वर्ष पहले है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत की 50 प्रतिशत से अधिक स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता गैर-जीवाश्म स्रोतों पर आधारित है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत सौर और नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के मामले में दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल है।
स्वच्छ ऊर्जा में बढ़ता निवेश
प्रधानमंत्री के अनुसार, पिछले एक दशक में भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आया है। वर्ष 2024 के री-इन्वेस्ट शिखर सम्मेलन के बाद केवल दो वर्षों में इस क्षेत्र को 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश मिला।
मोदी ने कहा कि इस दशक के अंत तक भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश अवसर पैदा होने का अनुमान है।
प्रधानमंत्री ने निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा, "भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में अवसरों का एक नया आसमान खुलने जा रहा है।"
घरों और किसानों तक पहुंच रही सौर ऊर्जा
मोदी ने कहा कि फरवरी 2024 में शुरू की गई पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से अब तक 65 लाख से अधिक परिवार जुड़ चुके हैं। एक अध्ययन के अनुसार, इन परिवारों के बिजली बिल में औसतन करीब 76 प्रतिशत की कमी आई है। कई परिवारों का बिजली बिल शून्य हो गया है, जबकि कुछ परिवार अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर आय भी अर्जित कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पीएम-कुसुम योजना के तहत 30 लाख से अधिक किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे प्रत्येक लाभार्थी किसान को सालाना करीब एक लाख रुपये की बचत हो रही है।
अफ्रीका के लिए 20 करोड़ डॉलर की सौर सुविधा
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत चाहता है कि नवीकरणीय ऊर्जा के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता, तकनीक और विशेषज्ञता प्रत्येक जरूरतमंद देश तक पहुंचे।
मोदी ने बताया कि इसी उद्देश्य से अफ्रीका के लिए 20 करोड़ डॉलर की ‘अफ्रीका सोलर फैसिलिटी’ का प्रस्ताव रखा गया है।
उन्होंने कहा कि आने वाला दशक वैश्विक जलवायु लक्ष्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा और प्रत्येक देश तथा क्षेत्र को स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन का भागीदार बनाना आवश्यक है।