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रूस से शांति समझौते का मौका 2022 के अंत में था: यूक्रेन के पूर्व विदेश मंत्री
रूस से शांति समझौते का मौका 2022 के अंत में था: यूक्रेन के पूर्व विदेश मंत्री
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यूक्रेन के पूर्व विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने कहा है कि कीव के पास 2022 के अंत में रूस के साथ शांति समझौता करने का मौका था, लेकिन 1991 की सीमाओं तक लौटने को... 02.11.2026, Sputnik भारत
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सोमवार को प्रकाशित समाचार पत्र ‘यूक्रेन्स्का प्रावदा’ को दिए साक्षात्कार में कुलेबा ने कहा कि उस समय समझौते की कोशिश की जा सकती थी।पूर्व विदेश मंत्री के अनुसार, उस समय मोर्चे पर हालात यूक्रेन के प्रतिकूल होने लगे थे। हालांकि, यूक्रेनी समाज में 1991 की सीमाओं तक लौटने को लेकर इतना उत्साह था कि शांति समझौता नहीं हो सका।वसंत 2022 की वार्ता को लेकर भी सामने आए बयानयूक्रेन के पूर्व सांसद वादिम नोविन्स्की ने 22 अक्टूबर को कहा था कि वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की 2022 के वसंत में संघर्ष के समाधान के लिए रूसी पक्ष की सभी प्रमुख मांगें स्वीकार करने को तैयार थे।रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी फरवरी 2024 में अमेरिकी पत्रकार टकर कार्लसन को दिए साक्षात्कार में कहा था कि 2022 में यूक्रेन के साथ बातचीत लगभग पूरी हो चुकी थी।पुतिन के मुताबिक, कीव से रूसी सैनिकों की वापसी के बाद यूक्रेनी पक्ष ने सभी सहमतियों को "खारिज कर दिया" और इसके बाद ज़ेलेंस्की ने रूस के साथ बातचीत पर कानूनी रोक लगा दी।नवंबर 2023 में ज़ेलेंस्की की पार्टी 'सर्वेंट ऑफ द पीपल' के संसदीय दल के प्रमुख और राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा एवं खुफिया मामलों की समिति के सदस्य डेविड अराखामिया ने कहा था कि यूक्रेन में लड़ाई 2022 के वसंत में समाप्त हो सकती थी।हालांकि अराखामिया के अनुसार इस्तांबुल में रूसी प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता के बाद ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कीव से मॉस्को के साथ किसी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करने और लड़ाई जारी रखने को कहा था।
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रूस , यूक्रेन , वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की, व्लादिमीर पुतिन
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रूस से शांति समझौते का मौका 2022 के अंत में था: यूक्रेन के पूर्व विदेश मंत्री
यूक्रेन के पूर्व विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने कहा है कि कीव के पास 2022 के अंत में रूस के साथ शांति समझौता करने का मौका था, लेकिन 1991 की सीमाओं तक लौटने को लेकर यूक्रेनी समाज में व्याप्त उत्साह इसमें बाधा बन गया।
सोमवार को प्रकाशित समाचार पत्र ‘यूक्रेन्स्का प्रावदा’ को दिए साक्षात्कार में कुलेबा ने कहा कि उस समय समझौते की कोशिश की जा सकती थी।
उन्होंने कहा, "अब कहा जा रहा है कि 2022 के अंत में रूस के साथ समझौता करने का मौका था। वैसे, मैं भी सहमत हूं, इसकी कोशिश की जा सकती थी।"
पूर्व विदेश मंत्री के अनुसार, उस समय मोर्चे पर हालात यूक्रेन के प्रतिकूल होने लगे थे। हालांकि, यूक्रेनी समाज में 1991 की सीमाओं तक लौटने को लेकर इतना उत्साह था कि शांति समझौता नहीं हो सका।
वसंत 2022 की वार्ता को लेकर भी सामने आए बयान
यूक्रेन के पूर्व सांसद वादिम नोविन्स्की ने 22 अक्टूबर को कहा था कि वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की 2022 के वसंत में संघर्ष के समाधान के लिए रूसी पक्ष की सभी प्रमुख मांगें स्वीकार करने को तैयार थे।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी फरवरी 2024 में अमेरिकी पत्रकार टकर कार्लसन को दिए साक्षात्कार में कहा था कि 2022 में यूक्रेन के साथ बातचीत लगभग पूरी हो चुकी थी।
पुतिन के मुताबिक, कीव से रूसी सैनिकों की वापसी के बाद यूक्रेनी पक्ष ने सभी सहमतियों को "खारिज कर दिया" और इसके बाद ज़ेलेंस्की ने रूस के साथ बातचीत पर कानूनी रोक लगा दी।
नवंबर 2023 में ज़ेलेंस्की की पार्टी 'सर्वेंट ऑफ द पीपल' के संसदीय दल के प्रमुख और राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा एवं खुफिया मामलों की समिति के सदस्य डेविड अराखामिया ने कहा था कि यूक्रेन में लड़ाई 2022 के वसंत में समाप्त हो सकती थी।
हालांकि अराखामिया के अनुसार इस्तांबुल में रूसी प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता के बाद ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कीव से मॉस्को के साथ किसी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करने और लड़ाई जारी रखने को कहा था।