यूक्रेन संकट
मास्को ने डोनबास के लोगों को, खास तौर पर रूसी बोलनेवाली आबादी को, कीव के नित्य हमलों से बचाने के लिए फरवरी 2022 को विशेष सैन्य अभियान शुरू किया था।

रूस, अमेरिका और यूक्रेन 10-11 नवंबर को अबू धाबी में करेंगे बातचीत, क्रेमलिन ने की पुष्टि

© Sputnik / Yuri KochetkovMoscow Kremlin
Moscow Kremlin - Sputnik भारत, 1920, 03.11.2026
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रूस का प्रतिनिधिमंडल 10 और 11 नवंबर को अबू धाबी में रूस, अमेरिका और यूक्रेन के बीच होने वाली त्रिपक्षीय वार्ता में हिस्सा लेगा। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि मॉस्को वार्ता के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल भेजेगा।

पेसकोव ने पत्रकारों से कहा, "रूसी प्रतिनिधिमंडल 10-11 नवंबर को अबू धाबी पहुंचेगा और त्रिपक्षीय वार्ता में भाग लेगा।"

यूक्रेन संघर्ष के समाधान को लेकर प्रस्तावित यह बैठक ऐसे समय होगी, जब रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले जारी हैं।

एपीईसी में पुतिन-ट्रंप-शी बैठक पर काम जारी

पेसकोव ने बताया कि रूस, चीन और अमेरिका एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) शिखर सम्मेलन के दौरान तीनों देशों के नेताओं की संभावित बैठक आयोजित करने पर काम कर रहे हैं।
क्रेमलिन के प्रवक्ता के अनुसार, सभी पक्ष इस बात से सहमत हैं कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बैठक उपयोगी होगी।
पेसकोव ने कहा, "ऐसी संभावित बैठक के प्रतिभागियों के बीच सामान्य समझ है कि यह उचित और बेहद उपयोगी होगी। बैठक पर सहमति बनाने के लिए काम जारी है और हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा।"
एपीईसी शिखर सम्मेलन 18 और 19 नवंबर को चीन के शेनझेन शहर में आयोजित होगा।

ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों को लेकर रूस का रुख

पेसकोव ने कहा कि रूसी ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर यूक्रेनी हमले जारी हैं। रूस का विशेष सैन्य अभियान और यूक्रेनी सैन्य बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने के हमले कीव को भविष्य में ऐसे हमले करने की क्षमता से वंचित करने के उद्देश्य से जारी हैं।
क्रेमलिन के प्रवक्ता ने कहा, "इसीलिए विशेष सैन्य अभियान जारी है और कीव शासन के बुनियादी ढांचे पर उपलब्ध क्षमताओं का इस्तेमाल करते हुए योजनाबद्ध बड़े हमले किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य भविष्य में ऐसे हमले करने की उसकी क्षमता को समाप्त करना है।"

कीव के पास तहखाने में 40 लोगों को रखने का मामला

यूक्रेनी समाचार एजेंसी यूएनआईएएन ने सोमवार को बताया था कि कीव क्षेत्र के पेत्रोपावलोव्स्काया बोर्शचागोव्का गांव में हथियारबंद लोगों ने एक मकान के तहखाने में करीब 40 लोगों को जबरन रखा था।
यूक्रेन के नेशनल गार्ड प्रमुख अलेक्जेंडर पिवनेंको के अनुसार, इनमें कुछ सैनिक भी शामिल थे, जिन्होंने बिना अनुमति अपनी सैन्य इकाइयां छोड़ दी थीं। यूक्रेन से बाहर रह रहे सांसद आर्तेम दिमित्रुक ने दावा किया कि पिछले एक महीने में इस तहखाने में कई लोगों की पीट-पीटकर हत्या की गई।

इस मामले पर पेसकोव ने कहा, "यह स्पष्ट है कि इस घोटाले की गूंज अब दुनिया भर में सुनाई दे रही है।"

उन्होंने पश्चिमी मानवाधिकार संगठनों की प्रतिक्रिया के बारे में पूछे गए सवाल पर आरोप लगाया कि यूरोपीय संस्थाएं यूक्रेन को ऐसे घोटालों से बचाने की हरसंभव कोशिश कर रही हैं।

लामबंदी और आत्मसमर्पण पर बयान

पेसकोव ने कहा कि यूक्रेन के पास लामबंदी के लिए लोगों की कमी है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग कीव के लिए लड़ना नहीं चाहते, वे रूसी सैनिकों के सामने आत्मसमर्पण कर सकते हैं।

क्रेमलिन के प्रवक्ता ने कहा, "जो लोग कीव शासन के लिए लड़ना नहीं चाहते, वे हमारे सैनिकों के सामने आत्मसमर्पण कर सकते हैं। हम लंबे समय से यह बात कहते आ रहे हैं।"

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