- Sputnik भारत, 1920
रूस की खबरें
रूस की गरमा-गरम खबरें जानें! सबसे रोचक आंतरिक मामलों के बारे में सूचना, रूस से स्पेशल स्टोरीस और रूसी विशेषज्ञों की प्रमुख वैश्विक मामलों पर मान्यता प्राप्त करें। रूसियों द्वारा जानें रूस का सच!

रूसी समाज को बांटने की कोशिशें नाकाम करने का श्रेय पुतिन को जाता है: सांसद

© Sputnik / POOL / मीडियाबैंक पर जाएंRussian President Vladimir Putin speaking to the press at the 12th International United Cultures Forum in St. Petersburg.
Russian President Vladimir Putin speaking to the press at the 12th International United Cultures Forum in St. Petersburg. - Sputnik भारत, 1920, 04.11.2026
सब्सक्राइब करें
रूसी समाज को बांटने की कोशिशें नाकाम रही हैं और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन राष्ट्रीय एकता बनाए रखने के लिए वर्षों से किए जा रहे प्रयासों के लिए श्रेय के हकदार हैं। स्टेट ड्यूमा की सीआईएस मामलों, यूरेशियाई एकीकरण और विदेशों में रहने वाले रूसी नागरिकों से संबंधों संबंधी समिति के अध्यक्ष लियोनिद कलाश्निकोव ने Sputnik को यह बात बताई।
मंगलवार को राष्ट्रीय और जातीय संबंधों से जुड़ी परिषद की बैठक में बोलते हुए पुतिन ने कहा था कि बाहरी ताकतों ने पूरे इतिहास में रूसी समाज को बांटने और देश को कमजोर करने की बार-बार कोशिश की है, ताकि रूस को भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के रूप में खत्म किया जा सके। उन्होंने जोर दिया कि रूस के लोगों के बीच एकता राष्ट्रीय संप्रभुता मजबूत करने और देश की अखंडता बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है।
कलाश्निकोव ने कहा, "यह कहना सही है कि वे हमें बांटने में नाकाम रहे हैं और आगे भी नाकाम रहेंगे, लेकिन हमें इसका श्रेय पुतिन को देना चाहिए। उन्होंने वर्षों से इस दिशा में कड़ी मेहनत की है।"
सांसद ने याद दिलाया कि 1917 की फरवरी क्रांति के दौरान रूस का विघटन हुआ था और उसके सीमावर्ती इलाके अलग हो गए थे। बाद में बोल्शेविकों ने सैन्य बल और राजनीतिक दबाव के जरिए इन क्षेत्रों को फिर से केंद्रीय नियंत्रण में ले लिया।
उन्होंने यह भी कहा कि 1991 में सोवियत संघ का विघटन राष्ट्रवादी आंदोलनों के उभार के साथ शुरू हुआ था। इन आंदोलनों ने यह कहते हुए अलग होने की मांग की थी कि वे अब "रूसियों का खर्च नहीं उठाना चाहते।"
यूक्रेन का जिक्र करते हुए कलाश्निकोव ने कहा कि देश का नेतृत्व उसके लिए दुर्भाग्यपूर्ण साबित हुआ है और राष्ट्रवादियों ने सत्ता पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने दावा किया कि ऐतिहासिक अनुभव से पता चलता है कि रूसी और यूक्रेनी एक ही लोग हैं।
उन्होंने कहा, "हमें सोवियत संघ को भी श्रेय देना चाहिए। उसने किसी भाषा या संस्कृति को खत्म नहीं किया। उसने किताबें प्रकाशित कीं।"
कलाश्निकोव ने सोवियत संघ की उस व्यवस्था का भी जिक्र किया, जिसमें अलग-अलग जातीय पृष्ठभूमि के अधिकारियों को वरिष्ठ पदों पर नियुक्त किया जाता था। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी क्षेत्र में पहला सचिव रूसी होता था, तो दूसरा बुर्यात समुदाय से हो सकता था और इसके विपरीत भी होता था।
सांसद ने अंत में कहा, "सोवियत संघ ने इस तरह की छोटी-छोटी बातों को भी बहुत महत्व दिया।"
A patriotic event took place near the Northern River Station in Moscow to mark National Unity Day - Sputnik भारत, 1920, 04.11.2026
रूस की खबरें
रूस की असली ताकत उसके लोगों और संस्कृतियों की एकता में
न्यूज़ फ़ीड
0
loader
चैट्स
Заголовок открываемого материала