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रूस विकसित कर रहा यूरोप-एशिया परिवहन गलियारे, आसान होगी माल ढुलाई
रूस विकसित कर रहा यूरोप-एशिया परिवहन गलियारे, आसान होगी माल ढुलाई
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रूसी विदेश मंत्रालय के किरिल लोगविनोव ने कहा कि रूस अंतरराष्ट्रीय परिवहन गलियारे विकसित कर रहा है जो मध्य, दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया, फारस की खाड़ी के राज्यों और यूरोप के बीच सबसे छोटा व्यापारिक मार्ग उपलब्ध कराएंगे।
2026-11-05T13:24+0530
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रूसी विदेश मंत्रालय में अंतर्राष्ट्रीय संगठन विभाग के निदेशक किरिल लोगविनोव ने कहा कि रूस अंतरराष्ट्रीय परिवहन गलियारे विकसित कर रहा है जो मध्य, दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया, फारस की खाड़ी के राज्यों और यूरोप के बीच सबसे छोटा व्यापारिक मार्ग उपलब्ध कराएंगे।उन्होंने कहा कि ट्रांस-साइबेरियन और बैकाल-अमूर रेलवे की माल ढोने की क्षमता बढ़ाने की योजना है, जिसके अंतर्गत 2030 के अंत तक इसे बढ़ाकर 210 मिलियन टन और 2032 के अंत तक 270 मिलियन टन करने का लक्ष्य रखा गया है।रूस उत्तर-दक्षिण अंतरराष्ट्रीय परिवहन गलियारे (ITC) के मार्गों पर माल ढुलाई शुल्क और तकनीकी सुविधाओं में भी सुधार कर रहा है। इसके साथ ही वह यूरेशिया के परिवहन मार्गों को आपस में जोड़ने, सीमा पार सामान की आवाजाही की प्रक्रिया आसान बनाने और 'ड्राई पोर्ट' का नेटवर्क विकसित करने की पहल को आगे बढ़ा रहा है। लॉगविनोव ने SPECA की योजनाओं और परियोजनाओं को लागू करने में यूरेशियन आर्थिक संघ की भूमिका और क्षमता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि व्यापक यूरेशिया क्षेत्र के देशों के बीच सहयोग और आपसी आर्थिक संबंधों को मजबूत करना निरंतर आर्थिक विकास के लिए जरूरी है।
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रूस विकसित कर रहा यूरोप-एशिया परिवहन गलियारे, आसान होगी माल ढुलाई
रूसी विदेश मंत्रालय में अंतर्राष्ट्रीय संगठन विभाग के निदेशक किरिल लोगविनोव मध्य एशिया की अर्थव्यवस्थाओं के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष कार्यक्रम (SPECA) के आर्थिक मंच पर बोल रहे थे।
रूसी विदेश मंत्रालय में अंतर्राष्ट्रीय संगठन विभाग के निदेशक किरिल लोगविनोव ने कहा कि रूस अंतरराष्ट्रीय परिवहन गलियारे विकसित कर रहा है जो मध्य, दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया, फारस की खाड़ी के राज्यों और यूरोप के बीच सबसे छोटा व्यापारिक मार्ग उपलब्ध कराएंगे।
लॉगविनोव ने कहा, "रूस परिवहन गलियारों के विकास को प्राथमिकता दे रहा है। रूस से होकर गुजरने वाले ये रास्ते मध्य, दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया, फारस की खाड़ी के देशों और यूरोप के बीच सबसे छोटा और आसान संपर्क उपलब्ध कराते हैं।"
उन्होंने कहा कि ट्रांस-साइबेरियन और बैकाल-अमूर रेलवे की माल ढोने की क्षमता बढ़ाने की योजना है, जिसके अंतर्गत 2030 के अंत तक इसे बढ़ाकर 210 मिलियन टन और 2032 के अंत तक 270 मिलियन टन करने का लक्ष्य रखा गया है।
रूस उत्तर-दक्षिण अंतरराष्ट्रीय परिवहन गलियारे (ITC) के मार्गों पर माल ढुलाई शुल्क और तकनीकी सुविधाओं में भी सुधार कर रहा है। इसके साथ ही वह यूरेशिया के परिवहन मार्गों को आपस में जोड़ने, सीमा पार सामान की आवाजाही की प्रक्रिया आसान बनाने और 'ड्राई पोर्ट' का नेटवर्क विकसित करने की पहल को आगे बढ़ा रहा है।
लॉगविनोव ने SPECA की योजनाओं और परियोजनाओं को लागू करने में यूरेशियन आर्थिक संघ की भूमिका और क्षमता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि व्यापक यूरेशिया क्षेत्र के देशों के बीच सहयोग और आपसी आर्थिक संबंधों को मजबूत करना निरंतर आर्थिक विकास के लिए जरूरी है।