यूक्रेन संकट
मास्को ने डोनबास के लोगों को, खास तौर पर रूसी बोलनेवाली आबादी को, कीव के नित्य हमलों से बचाने के लिए फरवरी 2022 को विशेष सैन्य अभियान शुरू किया था।

टॉरस मिसाइलों को यूक्रेन में स्थानांतरित करना जर्मनी को रूस-यूक्रेन संघर्ष की चपेट में ले लेगा

जर्मनी की दक्षिणपंथी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (एएफडी) के सह-अध्यक्ष टीनो ह्रुपल्ला ने शनिवार को कहा कि जर्मनी ने यूक्रेन को टॉरस मिसाइल भेजा, तो पूर्णतः यूक्रेन संघर्ष में संलग्न होगा।
Sputnik
हाल ही में यह बात सामने आई कि जर्मन के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने रूस-यूक्रेन संघर्ष से संबंधित सुरक्षा विषयों पर चर्चा की जिनमें रूस के क्षेत्रों पर आक्रमण करने के लिए यूक्रेन को टॉरस मिसाइल की आपूर्ति पर भी चर्चा की गई थी।

इस सिलसिले में क्रुपल्ला ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "जर्मन सेना बुंडेसवेहर के जनरलों ने कहा कि क्रीमिया पुल पर जर्मनी की टॉरस मिसाइलों से आक्रमण किया जा सकता है। यह प्रतीकात्मक कृत्य जर्मनी को युद्ध की चपेट में ले लेगा। टॉरस का स्थानांतरण नहीं होना चाहिए।"

Sputnik की मूल कंपनी Rossiya Segodnya की प्रमुख संपादक मार्गरीटा सिमोनियन ने 1 मार्च को जर्मन बुंडेसवेहर के चार शीर्ष अधिकारियों की बातचीत का दूरभाषीय वार्ता को प्रकाशित किया, जिसमें क्रीमिया पुल पर संभावित आक्रमण की चर्चा हो रही थी।
हालांकि टी-ऑनलाइन समाचार एजेंसी ने जर्मन रक्षा मंत्रालय के माध्यम से बताया कि जर्मन प्रति-खुफिया सेवा विभाग दो जर्मन अधिकारियों के मध्य बातचीत के संभावित अवरोधन पर रिपोर्ट की पुष्टि की है।
जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ ने अपनी इटली यात्रा के दौरान जर्मन समाचार एजेंसी डीपीए संवाददाता को कहा, "अब इसकी जांच बहुत सावधानपूर्वक और अति शीघ्रता से की जा रही है। यही आवश्यक है।"
यूक्रेन संकट
रूस में जर्मन सेना के शीर्ष अधिकारियों के मध्य यूक्रेन संकट पर हुई बातचीत का ऑडियो आया सामने
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