उन्होंने कहा कि "उत्तरी सीमाओं पर सेना की तैनाती संतुलित और मज़बूत बनी हुई है। उच्च स्तर की बातचीत धीरे-धीरे हालात को सामान्य बनाने में मदद कर रही है जिससे उत्तरी सीमाओं पर चराई, हाइड्रोथेरेपी कैंप और दूसरी गतिविधियां भी संभव हो पाई हैं। साथ ही अवसंरचना को बेहतर बनाने का काम भी चल रहा है।"
जम्मू और कश्मीर के बारे में बोलते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश ने 2025 में महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव देखे हैं, आतंकवाद में लगातार कमी आई है और विकास ने गति पकड़ी है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 31 आतंकवादियों को मार गिराया गया, जिनमें से 65 प्रतिशत पाकिस्तानी मूल के थे, जिनमें पहलगाम आतंकी हमले के अपराधी भी शामिल थे।
पाकिस्तान को सख्त चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि "ऑपरेशन सिंदूर जारी है और दुश्मन की किसी भी नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।"
ऑपरेशन सिंदूर के अलग-अलग पहलुओं पर विस्तार से बताते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि इसने रणनीतिक सोच को बदलने में मदद की, क्योंकि भारतीय सेना ने आतंकी ढांचे को खत्म करने और इस्लामाबाद की "लंबे समय से चली आ रही परमाणु बयानबाजी" को नाकाम करने के लिए अंदर तक हमला किया।
उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन सीमा पार आतंकवाद पर भारत का सोच-समझकर और पक्का जवाब था, जो तैयारी, सटीकता और रणनीतिक स्पष्टता को दिखाता है।
इसके अलावा सेना प्रमुख ने कहा कि सेना के लिए आधुनिकीकरण अभी भी एक अहम फोकस है, जिसमें आधुनिक ब्रह्मोस सिस्टम, बेहतर क्षमताओं वाले ड्रोन और लोइटरिंग म्यूनिशन पाइपलाइन में हैं। 90 प्रतिशत से ज़्यादा गोला-बारूद अब देश में ही बनाया जा रहा है, जो आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ते कदम को दिखाता है।
एक सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि भारत को एक समर्पित मिसाइल बल की ज़रूरत है, और बताया कि चीन और पाकिस्तान दोनों ने पहले ही ऐसी क्षमताएं विकसित कर ली हैं।
सेना प्रमुख ने कहा कि "भारत ने 150 किमी और 450 किमी रेंज वाले रॉकेट सिस्टम शामिल किए हैं और लंबी रेंज पर भी विचार कर रहा है।"