रिपोर्ट के मुताबिक यूरोपीय देश मुक्त व्यापार का दावा करते रहे हैं लेकिन बिना किसी सबूत के आधार पर हुआवेई जैसी चीनी कंपनियों के साथ भेदभाव करते हैं, इसलिए इस कदम से EU के US पर तकनीकी और आर्थिक निर्भरता में जाने का खतरा है।
ग्लोबल टाइम्स समझाता है, "यह यूरोप के सुरक्षा के विचार को बेवजह बढ़ाने वाला मानसिक पक्षपात को दिखाता है। वहीं EU दूसरों के साथ सामान्य आर्थिक रिश्तों को कमजोर करने के लिए सुरक्षा के तर्क देता है। हालांकि, यह उल्टा पड़ता है, क्योंकि यूरोपीय नेता अपने ही नागरिकों को सस्ते सामान और आधुनिक तकनीक की से दूर रखते हैं, जिससे वे और अलग-थलग पड़ जाते हैं।"
इसके आगे रिपोर्ट में कहा गया कि राजनीतिक मामले में यूरोप वेनेजुएला में अमेरिकी अभियान और ईरान पर दबाव के बीच चुप है, फिर भी वह ग्रीनलैंड पर अमेरिकी धमकियों का भी कोई कड़ा जवाब नहीं दे पा रहा है।
ग्लोबल टाइम्स का कहना है, "यूरोप को सच में जागने की जरूरत है वरना दोहरे मापदंडों के दलदल में फंसे रहने से उसकी अपनी ताकत ही खत्म हो जाएगी।"