https://hindi.sputniknews.in/20260119/ameriikii-dbaav-men-jhukte-binaa-riiidh-vaale-yuuriop-kaa-astitv-khtrie-men-10365880.html
अमेरिकी दबाव में झुकते 'बिना रीढ़ वाले' यूरोप का अस्तित्व खतरे में
अमेरिकी दबाव में झुकते 'बिना रीढ़ वाले' यूरोप का अस्तित्व खतरे में
Sputnik भारत
ग्लोबल टाइम्स के अनुसार यूरोपीय देश चीन के साथ जबरदस्ती आर्थिक और व्यापारिक रिश्ते खत्म कर साफ़ तौर पर दोहरे नजरिए का प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ US के आगे "हर मोड़ पर झुक रहे हैं।"
2026-01-19T14:40+0530
2026-01-19T14:40+0530
2026-01-19T14:51+0530
विश्व
अमेरिका
वाशिंगटन
वाशिंगटन डीसी
व्हाइट हाउस
डॉनल्ड ट्रम्प
यूरोप
यूरोपीय संघ
यूरोपीय परिषद
द्विपक्षीय रिश्ते
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07ea/01/13/10366180_0:0:3072:1728_1920x0_80_0_0_bf3cfa9ca0a4cfdcef59b51fa37d9da9.jpg
रिपोर्ट के मुताबिक यूरोपीय देश मुक्त व्यापार का दावा करते रहे हैं लेकिन बिना किसी सबूत के आधार पर हुआवेई जैसी चीनी कंपनियों के साथ भेदभाव करते हैं, इसलिए इस कदम से EU के US पर तकनीकी और आर्थिक निर्भरता में जाने का खतरा है।इसके आगे रिपोर्ट में कहा गया कि राजनीतिक मामले में यूरोप वेनेजुएला में अमेरिकी अभियान और ईरान पर दबाव के बीच चुप है, फिर भी वह ग्रीनलैंड पर अमेरिकी धमकियों का भी कोई कड़ा जवाब नहीं दे पा रहा है।
https://hindi.sputniknews.in/20260114/ameriikaa-iiriaan-ke-andri-se-kaariyvaahii-kriegaa-n-ki-ldaaii-ke-maidaan-men-vishleshk-10345370.html
अमेरिका
वाशिंगटन डीसी
यूरोप
वेनेजुएला
ईरान
चीन
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
2026
धीरेंद्र प्रताप सिंह
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e6/0c/13/135790_0:0:719:720_100x100_80_0_0_8e4e253a545aa4453ae659b236312d73.jpg
धीरेंद्र प्रताप सिंह
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e6/0c/13/135790_0:0:719:720_100x100_80_0_0_8e4e253a545aa4453ae659b236312d73.jpg
खबरें
hi_IN
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07ea/01/13/10366180_170:0:2901:2048_1920x0_80_0_0_4aa1cbf54e87077c0dda8b51f1ab6327.jpgSputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
धीरेंद्र प्रताप सिंह
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e6/0c/13/135790_0:0:719:720_100x100_80_0_0_8e4e253a545aa4453ae659b236312d73.jpg
us के दबाव में यूरोप, us यूरोप संबंध समाचार, ग्लोबल टाइम्स यूरोप आलोचना, हुआवेई यूरोप बैन, चीन यूरोप व्यापार तनाव, ग्रीनलैंड us यूरोप मुद्दा, eu राजनीतिक संकट, यूरोप पर अमेरिकी दबाव,europe under us pressure,us europe relations news,global times europe criticism,huawei europe ban,china europe trade tension,greenland us europe issue,eu political crisis,american pressure on europe
us के दबाव में यूरोप, us यूरोप संबंध समाचार, ग्लोबल टाइम्स यूरोप आलोचना, हुआवेई यूरोप बैन, चीन यूरोप व्यापार तनाव, ग्रीनलैंड us यूरोप मुद्दा, eu राजनीतिक संकट, यूरोप पर अमेरिकी दबाव,europe under us pressure,us europe relations news,global times europe criticism,huawei europe ban,china europe trade tension,greenland us europe issue,eu political crisis,american pressure on europe
अमेरिकी दबाव में झुकते 'बिना रीढ़ वाले' यूरोप का अस्तित्व खतरे में
14:40 19.01.2026 (अपडेटेड: 14:51 19.01.2026) ग्लोबल टाइम्स के अनुसार यूरोपीय देश चीन के साथ जबरदस्ती आर्थिक और व्यापारिक रिश्ते खत्म कर साफ़ तौर पर दोहरे नजरिए का प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ US के आगे "हर मोड़ पर झुक रहे हैं", जो यूरोपीय संघ (EU) को ग्रीनलैंड छोड़ने के लिए मजबूर कर बेइज्जत कर रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक यूरोपीय देश मुक्त व्यापार का दावा करते रहे हैं लेकिन बिना किसी सबूत के आधार पर हुआवेई जैसी चीनी कंपनियों के साथ भेदभाव करते हैं, इसलिए इस कदम से EU के US पर तकनीकी और आर्थिक निर्भरता में जाने का खतरा है।
ग्लोबल टाइम्स समझाता है, "यह यूरोप के सुरक्षा के विचार को बेवजह बढ़ाने वाला मानसिक पक्षपात को दिखाता है। वहीं EU दूसरों के साथ सामान्य आर्थिक रिश्तों को कमजोर करने के लिए सुरक्षा के तर्क देता है। हालांकि, यह उल्टा पड़ता है, क्योंकि यूरोपीय नेता अपने ही नागरिकों को सस्ते सामान और आधुनिक तकनीक की से दूर रखते हैं, जिससे वे और अलग-थलग पड़ जाते हैं।"
इसके आगे रिपोर्ट में कहा गया कि राजनीतिक मामले में यूरोप
वेनेजुएला में अमेरिकी अभियान और ईरान पर दबाव के बीच चुप है, फिर भी वह ग्रीनलैंड पर अमेरिकी धमकियों का भी कोई कड़ा जवाब नहीं दे पा रहा है।
ग्लोबल टाइम्स का कहना है, "यूरोप को सच में जागने की जरूरत है वरना दोहरे मापदंडों के दलदल में फंसे रहने से उसकी अपनी ताकत ही खत्म हो जाएगी।"