इसके आगे उन्होंने IMF के दावों को नकारते हुए कहा कि भारत असल में साफ़ तौर पर पहले समूह में आता है और इसका कारण यह है कि AI प्रणाली में पांच स्तर हैं जो एप्लीकेशन लेयर, मॉडल लेयर, चिप लेयर, इंफ्रा लेयर, और एनर्जी लेयर में बटे हैं जिन पर हम काम करते हुए बहुत अच्छी तरह आगे बढ़ रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "मुझे नहीं पता कि IMF का मानदंड क्या रहा है, स्टैनफोर्ड के अनुसार AI प्रसार, AI तैयारी और AI प्रतिभा के मामले में भारत तीसरे नंबर पर आता है। असल में AI प्रतिभा के मामले में यह दूसरे नंबर पर है, इसलिए मुझे नहीं लगता कि दूसरे समूह में आपका वर्गीकरण सही है। यह असल में पहले समूह में है।"
IMF पर पलटवार करते हुए भारतीय केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि AI प्रणाली के पांच स्तर में से एक एप्लीकेशन लेयर पर हम शायद दुनिया को सेवाएं देने वाले सबसे बड़े आपूर्तिकर्ता होंगे। इसके साथ किसी उद्यम के पास जाकर उसके व्यापार और उसके काम करने के तरीके को समझकर AI एप्लीकेशन का इस्तेमाल कर वहां सेवाएं दें।
उन्होंने कहा, "AI की सफलता का यह सबसे बड़ा कारक होने वाला है, क्योंकि ROI वहीं से आता है। ROI बहुत बड़ा मॉडल बनाने से नहीं आता है। 95 प्रतिशत काम ऐसे मॉडल से हो सकता है जिनमें बीस बिलियन या पचास बिलियन मापदंड हों।"
AI को लेकर देश में हो रहे विकास को लेकर कहा कि भारत में AI मॉडल्स का एक गुलदस्ता बना रहे हैं। हालांकि देश के पास पहले से ही ऐसे मॉडल्स का एक गुलदस्ता है, जिन्हें अब कई क्षेत्र में उत्पादन, दक्षता और तकनीक का असरदार इस्तेमाल बढ़ाने के लिए स्थापित किया जा रहा है। इसलिए ध्यान इस बात पर है कि AI का फैलाव बहुत बड़े पैमाने पर हो।