बंगाल की खाड़ी में 18 फरवरी को होने वाले अंतर्राष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू में भारत की राष्ट्रपति महामहिम द्रौपदी मुर्मू भारतीय नौसेना के अतिरिक्त मित्र देशों के युद्धपोतों का निरीक्षण करेंगी। इस कार्यक्रम में रूस, अमेरिका, फ्रांस, इंग्लैंड, जापान, बांगलादेश सहित कई प्रमुख देशों की नौसेनाओं के आने की संभावना है।
भारतीय नौसेना अपने पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत को इस समारोह में ला रही है। इसके अतिरिक्त भारतीय नौसेना के कई आधुनिक डिस्ट्रॉयर, फ्रिगेट,सबमरीन और सहायक पोत अपने सर्वोच्च कमांडर को सलामी देंगे।
भारत तीसरी बार अंतर्राष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू का आयोजन कर रहा है। इससे पहले 2001 और 2016 में भारत में ऐसा आयोजन हो चुका है।
विशाखापट्टनम में ही 19 फरवरी से मिलन-2026 नौसैनिक अभ्यास प्रारंभ होगा जिसमें 75 से अधिक युद्धपोतों के भाग लेने की संभावना है। इस अभ्यास में लगभग 100 देशों की नौसेना अपने प्रतिनिधि भेजेंगी। मिलन का आयोजन हर दो साल में किया जाता है और सबसे पहले 1995 में इसका आयोजन किया गया था।
रूसी नौसेना के पैसिफिक बेड़े का फ्रिगेट मार्शल शापोश्निकोव इस अभ्यास में भाग ले रहा है। इसके अतिरिक्त अमेरिका सहित लगभग सभी बड़ी नौसेनाएं इस अभ्यास में भाग ले रही हैं।
25 तक चलने वाले इस अभ्यास में नौसैनिक सहयोग, बचाव और राहत, मुक्त नौवहन जैसे साझा बिंदुओं पर विचार-विमर्श के अतिरिक्त युद्धपोतों को साथ मिलकर कार्रवाई की तैयारी की जाएगी।