वायु शक्ति 2026 नाम के इस अभ्यास में 120 से ज्यादा लड़ाकू और परिवहन विमान भाग लेंगे। दिन और रात में होने वाले इस अभ्यास में भारतीय वायुसेना अपने अचूक निशाने का प्रदर्शन करते हुए लगभग 12000 किग्रा गोला बारूद शत्रु के नकली ठिकानों पर गिराकर उन्हें नष्ट करेगी।
भारतीय वायुसेना के उपाध्यक्ष एयर मार्शल नागेश कपूर ने जानकारी दी कि इस अभ्यास में 77 लड़ाकू विमान, 43 हेलीकॉप्टर और 8 परिवहन विमान भाग ले रहे हैं। वायुसेना की रीढ़ माने जाने वाले सुखोई-30 और मिग-29 लड़ाकू विमानों के अतिरिक्त रफ़ाल, मिराज-2000 और जेगुआर अभ्यास में नज़र आएंगे।
इसके अलावा एमआई-17, स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड और स्वदेशी ध्रुव हेलीकॉप्टरों के साथ-साथ चिनूक और अपाचे हेलीकॉप्टर अभ्यास में होंगे, वहीं इसके साथ स्वदेशी आकाश एयर डिफेंस सिस्टम के अलावा स्पाइडर और एल-70 एयर डिफेंस सिस्टम अभ्यास में अपनी क्षमता दिखाएंगे।
पिछले वर्ष मई में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष यानि ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह वायुसेना का पहला बड़ा शक्ति प्रदर्शन है।
ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना ने ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस सुखोई-30 लड़ाकू विमानों से पाकिस्तान में आतंकवादी और सैनिक ठिकानों पर सटीक प्रहार किए थे।
एयर मार्शल कपूर ने कहा कि वायु शक्ति में वायुसेना की शक्ति का प्रदर्शन तो होगा लेकिन सुरक्षा कारणों से लंबी दूरी तक मार करने वाले अस्त्रों का प्रयोग नहीं किया जाएगा। इस अभ्यास में दिन और रात में कुल 277 अस्त्र प्रणालियों का प्रयोग किया जाएगा। विशेष अभियानों के लिए प्रशिक्षित कमांडो भी अभ्यास में होंगे।