इससे पहले अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने बताया कि शनिवार रात पाकिस्तान वायुसेना के हमलों में पक्तिका और नंगरहार प्रांतों में 23 नागरिक मारे गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "पाकिस्तानी सैन्य शासन ने एक बार फिर नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में कई नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों में मदरसों और रिहायशी इमारतों पर भी बमबारी की गई। नतीजतन महिलाओं और बच्चों समेत दर्जनों बेगुनाह नागरिक मारे गए और घायल हुए।"
रक्षा मंत्रालय ने इस कार्रवाई को अफगानिस्तान की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताते हुए इसे आपराधिक कृत्य करार दिया। बयान में कहा गया कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून, अच्छे पड़ोसी संबंधों और इस्लामी मूल्यों का गंभीर उल्लंघन है।
मंत्रालय ने कहा, "देश की सीमाओं की रक्षा करना और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारा धार्मिक और राष्ट्रीय कर्तव्य है। [पाकिस्तान के] इस कृत्य का आवश्यक और सोच-समझकर जवाब उचित समय पर दिया जाएगा।"
डिफेंस मिनिस्ट्री ने नागरिक और धार्मिक स्थलों पर हमलों को पाकिस्तान की "खुफिया और सुरक्षा विफलता" का प्रमाण बताया और कहा कि इस तरह की कार्रवाई पाकिस्तान की आंतरिक कमियों को छिपा नहीं सकती।
वहीं, पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने शनिवार को दावा किया कि उसकी सेना ने अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी)* और उससे जुड़े विलायत खुरासान** के सात शिविरों और ठिकानों को निशाना बनाया।
*रूस में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन
**रूस में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन