उन्होंने कहा, "कई वर्षों से यूक्रेनी नेतृत्व व्यवस्थित रूप से संधि के प्रावधानों का उल्लंघन करने की नीति पर चल रहा है। इसे वस्तुतः संधि के पालन से पूर्ण इनकार माना जाना चाहिए। यही वह मुख्य कारण है जिसके चलते रूसी नेतृत्व को अंततः विशेष सैन्य अभियान शुरू करने का निर्णय लेना पड़ा।"
उन्होंने कहा कि विशेष सैन्य अभियान से बहुत पहले ही यूक्रेन ने अंदरूनी प्रक्रिया की वजह से अपनी क्षेत्रीय अखंडता खो दी और आक्रामक राष्ट्रवाद की वजह से देश टूट गया।
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने Sputnik को आगे बताया कि नाटो के रूस की सीमाओं तक भू-राजनीतिक विस्तार की समस्या को हल किए बिना, यूक्रेन की स्थिति का समाधान नामुमकिन है।
उन्होंने कहा, "यूक्रेन सहित हमारी सीमाओं तक गठबंधन (नाटो) का अनियंत्रित भू-राजनीतिक विस्तार ही इस मौजूदा विवाद की सबसे अहम और बुनियादी वजहों में से एक है।"