राजनयिक ने ओमानी विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी और IAEA के डायरेक्टर जनरल राफेल ग्रॉसी की भूमिका की भी तारीफ़ की, जिन्होंने अमेरिकी पक्ष के साथ सदेश के लेन-देन में मदद की।
अराघची ने गुरुवार को प्रेस टीवी को बताया, "हमने एक संभावित संधि के मुख्य हिस्सों की पहचान कर उन पर चर्चा की। अभी भी कुछ मतभेद हैं, लेकिन ज़्यादातर मामलों में, मुद्दों को कैसे सुलझाया जाए, इस पर कम से कम एक आम सहमति तो है।"
उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने गहरी और विस्तार में बातचीत की, जिससे बात आगे बढ़ सकी।
अराघची ने कहा कि ग्रॉसी ने ईरान के परमाणु प्रोग्राम से जुड़ी चर्चाओं के तकनीकी पहलुओं में एक रचनात्मक भूमिका निभाई।
ओमान की मध्यस्थता में ईरान और US ने ईरानी परमाणु मुद्दे पर तीन चरण की बातचीत की। ईरानी प्रतिनिधिमंडल अराघची के नेतृत्व में वहीं अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व स्पेशल दूत स्टीव विटकॉफ ने किया।