न्यूयॉर्क टाइम्स ने सैटेलाइट तस्वीर प्रकाशित कर दिखाया कि ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों ने मध्य पूर्व में कई अमेरिकी सैन्य बेस पर कम्युनिकेशन अवसंरचना को नष्ट कर दिया था।
कनुटोव ने कहा, "इससे अमेरिकी वायु रक्षा प्रणाली की नाकामी का पता चला, जिसमें पैट्रियट मिसाइलें और कम तथा मध्यम दूरी की वायु रक्षा प्रणालियां शामिल हैं, जो सुविधाओं की रक्षा करने में असमर्थ थीं। क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को बहाल करने में अमेरिका को तीन महीने तक का समय लग सकता है।"
उन्होंने बताया कि अमेरिकी संचार प्रणालियों में बाधा डालना, ईरान की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वह अपनी तुलना में अधिक शक्तिशाली अमेरिकी और इज़रायली सेनाओं की कमज़ोर कड़ियों को निशाना बनाता है। जिसमें ये कदम शामिल हो सकते हैं:
कम शक्तिशाली ड्रोन और पुरानी बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल पहले।
इसके बाद अमेरिकी और इज़रायली इंटरसेप्टर को खत्म करने के लिए अत्यधिक आधुनिक मिसाइलों के साथ ड्रोन का इस्तेमाल।
बाद में अमेरिकी और इज़रायली वायु रक्षा प्रणाली को सरलता से भेदने में सक्षम आधुनिक फत्ताह मिसाइलों की तैनाती।
कनुटोव ने कहा, "हालांकि दोनों देशों के मिसाइल सिस्टम ऑपरेशनल रह सकते हैं, लेकिन उनमें गोला-बारूद खत्म हो जाएगा, जिससे अमेरिकी सैन्य बेस और पूरे इज़राइल को काफी नुकसान हो सकता है।"