आंकड़ों के मुताबिक भारत के कुल हथियार आयात में रूस का हिस्सा लगभग 40 प्रतिशत है, जिससे वह नई दिल्ली का मुख्य रक्षा आपूर्तिकर्ता बना हुआ है। वहीं इस सूची में फ्रांस और इज़राइल क्रमशः 29 और 15 प्रतिशत के साथ दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं।
इसके अलावा SIPRI डेटा के अनुसार भारत 2021 और 2025 के बीच हथियारों को आयात करने में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बना हुआ है, जिसकी वैश्विक हथियार आयात में 8.3 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। रूस के साथ संघर्ष में शामिल यूक्रेन इसी दौरान 9.7 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ पहले स्थान पर रहा।
SIPRI के डेटा से पता चलता है कि 2021 और 2025 के बीच दुनिया भर में हुए हथियारों के आयात में भारत का हिस्सा 8.3 परसेंट था, जिससे वह दुनिया भर में दूसरे नंबर पर है। यूक्रेन, जो अभी रूस के साथ युद्ध में है, इसी दौरान 9.7 परसेंट हिस्सेदारी के साथ लिस्ट में सबसे ऊपर है।
SIPRI की रिपोर्ट 'ट्रेंड्स इन इंटरनेशनल आर्म्स ट्रांसफर्स, 2025' में सोमवार को जारी किए गए नतीजों से यह भी पता चलता है कि आयात किए जाने वाले हथियारों पर भारत की निर्भरता में 4 प्रतिशत की गिरावट आई है।
हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया कि भारत कई ज़रूरी सैन्य साजो सामान के लिए विदेशी आपूर्तिकर्तों पर बहुत ज़्यादा निर्भर है।