उन्होंने भारतीय मीडिया को बताया कि एक द्विपक्षीय समझौते के तहत भारत प्रति वर्ष पाइपलाइन के जरिए बांग्लादेश को 180,000 टन डीजल की आपूर्ति करेगा। अभी जो 5,000 टन डीजल भेजा जा रहा है, वह उसी समझौते का एक हिस्सा है।
BPC के अध्यक्ष ने कहा, "समझौते के मुताबिक, छह महीने के भीतर बांग्लादेश में कम से कम 90,000 टन डीज़ल आयात किया जाना चाहिए। हमें उम्मीद है कि अगले दो महीनों में पूरे छह महीने के डीज़ल की कुल मात्रा ले आएंगे।"
बता दें कि बांग्लादेश अपनी 95 प्रतिशत ऊर्जा ज़रूरतों के लिए आयात पर निर्भर है और घबराहट में खरीदारी और भंडारण के चलते उसने ईंधन की बिक्री पर दैनिक सीमा लगा दी है।
28 फरवरी को इजराइल और अमेरिका द्वारा ईरान पर मिसाइल हमले के बाद इस संघर्ष ने पूरे मध्य-पूर्व को अपनी चपेट में ले लिया। दोंनो पक्षों में यह संघर्ष आज 10वें दिन भी जारी है। इसके बाद दुनिया भर में तेल की कीमतों में लगातार इजाफा देखा जा रहा है। जानकारों के मुताबिक अगर यह संघर्ष अधिक समय तक चला तो तेल की कीमतें रिकार्ड स्तर तक पहुच सकती हैं।