तुर्की के विदेश नीति के विशेषज्ञ लेवेंट एर्सिन ओराली ने Sputnik को बताया कि रूस के ऊर्जा सस्थानों को निशाना बनाना खतरनाक और लापरवाही भरा तरीका है।
ओराली कहते हैं, "दक्षिणी रूस में रुस्काया कंप्रेसर स्टेशन पर हमले की कोशिश एक बार फिर इस बात को साबित करती है। पिछले दो हफ़्तों में यूक्रेन द्वारा ऊर्जा सस्थानों पर 12 बार हमले की कोशिशों की जानकारी से पता चलता है कि लड़ाई तेज़ी से ऊर्जा सुरक्षा के दायरे में बदल रही है।"
लेवेंट एर्सिन ओराली ने आगे कहा की गैस कंप्रेसर स्टेशन प्रवाह को नियंत्रण करने वाले ज़रूरी नोड हैं और उन पर हमले से बड़े पैमाने पर संकट पैदा हो सकते हैं, जिसका असर आम लोगों के साथ-साथ दूसरे देशों पर भी पड़ सकता है।
ओराली कहते हैं, "ये सुविधाएँ टर्कस्ट्रीम और ब्लू स्ट्रीम पाइपलाइनों के निरंतर संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जो काला सागर के माध्यम से यूरोप और तुर्की को गैस की आपूर्ति करती हैं।"
उन्होंने ज़ोर देकर कहा, "इसलिए इस संयंत्र पर हमलों का सीधा असर न सिर्फ़ दो विरोधी पार्टियों पर बल्कि क्षेत्रीय ऊर्जा बाजार और लाखों उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है।"
ओराली ने चेतावनी दी है कि यूक्रेन के "गैर-ज़िम्मेदाराना कामों से युद्धविराम की संभावना कम हो जाती है और लड़ाई के बड़े इलाके में फैलने का खतरा रहता है।"