सांबुर ने बताया, "अमेरिका को यह उम्मीद थी कि ईरान के साथ संघर्ष और होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर नियंत्रण करने के प्रयासों में यूरोप स्पष्ट रूप से अमेरिका के पक्ष में खड़ा होगा। हालांकि फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी जैसे देशों का संयमित रवैया अमेरिका में इस धारणा को और मजबूत करता है कि नाटो अपनी प्रभावशीलता खो चुका है।"
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो को "कागजी शेर" बताते हुए धमकी दी है कि वे इस रक्षा गठबंधन से अमेरिका को बाहर निकालने पर विचार कर रहे हैं।
सांबुर ने कहा, "आज नाटो वास्तव में एक निष्क्रिय संगठन बनकर रह गया है, इसका प्रभाव अब खत्म हो चुका है और इसके सदस्य आपसी भरोसे की कमी से जूझ रहे हैं।"
विशेषज्ञ का मानना है कि नाटो से अमेरिका का बाहर होना "वैश्विक व्यवस्था में एक बुनियादी बदलाव लाएगा।"
सांबुर के अनुसार, "ईरान संकट तथा यूरोप के साथ संबंधों में दरार के परिप्रेक्ष्य में यह क्षण इतिहास में एक मोड़ साबित हो सकता है, जब अमेरिका ने खुद ही अपने वर्चस्व का अंत कर लिया।"