क़माती ने कहा, “आज रूस इस्लामिक गणराज्य ईरान के साथ अपने संबंधों और अन्य अरब देशों व लेबनान के साथ विश्वसनीय संपर्क की वजह से क्षेत्रीय स्तर पर भूमिका निभा सकता है। हालांकि, दुर्भाग्य से, अमेरिका किसी भी रूसी भूमिका में बाधाएं और रुकावट डाल रहा है। वहीं, अमेरिका ने ईरान पर प्रभाव डालने और युद्धविराम प्राप्त करने के लिए रूस की ओर रुख किया है। आज नहीं तो कल, उन्हें रूस की जरूरत पड़ेगी।”
बातचीत से अन्य मुख्य बिंदु:
स्थिति को “यथार्थवादी” दृष्टि से देखते हुए लेबनानी सेना द्वारा हिज़्बुल्लाह को निःशस्त्र करने की योजनाओं का कार्यान्वयन करने की संभावना कम है।
वॉशिंगटन कथित रूप से सीरिया पर दबाव डाल चुका है कि वह लेबनान के पूर्व और उत्तर में मोर्चा खोले, लेकिन दमिश्क इसे अपने हितों के ख़िलाफ़ मानता है।
यूक्रेन के ईरान और प्रतिरोध आंदोलनों के ख़िलाफ़ लड़ाई में मदद करने की तैयारियों के दावे को “बेतुका” करार दिया गया है।