लूला ने कहा कि एक तरफ "युद्ध के सरगना महिलाओं और बच्चों पर बम बरसा रहे हैं", वहीं दूसरी तरफ अरबों डॉलर हथियारों पर खर्च किए जा रहे हैं, जबकि दुनिया में भूख, ऊर्जा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी समस्याएं जस की तस हैं।
लूला ने मध्य पूर्व में हुए युद्धों की आलोचना करते हुए कहा, "सद्दाम हुसैन के रासायनिक हथियार आखिर कहां हैं?"
लूला के मुताबिक, हाल के कई युद्ध झूठ के आधार पर लड़े गए। इसमें 2003 में जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश नेतृत्व में शुरू हुआ इराक युद्ध, 2011 में लीबिया पर हमला, गाज़ा में इज़राइल की कार्रवाई और लेबनान में बमबारी शामिल हैं।
"और अब, संयुक्त राज्य अमेरिका का ईरान पर आक्रमण - किस बहाने?"
लूला ने संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता बहाल करने और ऐसी व्यवस्था बनाने का भी आह्वान किया, जिसमें विकसित और विकासशील देशों के साथ अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में समान व्यवहार किया जाए।