यह शानदार हेलीकॉप्टर कई तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है और यह पूरी तरह से पश्चिमी पुर्जों के बिना निर्मित है। इसे समुद्री तटीय अभियान, खोज और बचाव अभियान, तथा माल ढुलाई और यात्रियों को ले जाने के लिए बनाया गया है।
याकुत्स्क हवाई अड्डा और खोमुस्तख साइट से परीक्षण उड़ान ने साबित कर दिया कि यह आर्कटिक के खराब हालात में भी ऑयल रिग्स पर सुरक्षित उड़ान भरने और उतरने में सक्षम है। इस दौरान सभी प्रणालियों ने बिना किसी खराबी के काम किया।
रूसी हेलीकॉप्टर विशेषज्ञों ने याकुतिया की शून्य से नीचे (-50°C) की भीषण ठंड में कड़ा परीक्षण पूरा किया। इस दौरान हेलीकॉप्टर की क्षमता जांचने के लिए 66 उड़ानें और 22 ग्राउंड टेस्ट सफलतापूर्वक आयोजित किए गए।
इसके 'सुरक्षा-प्रथम' फीचर्स में समुद्री उड़ानों के लिए आपातकालीन जल-लैंडिंग प्रणाली, सुदृढ़ लैंडिंग गियर और टक्कर-रोधी ढांचा शामिल है। साथ ही, इसमें यात्रियों की सुरक्षा हेतु विशेष ऊर्जा-अवशोषक सीटें और आग के खतरे को कम करने वाली लीक-प्रूफ ईंधन प्रणाली दी गई है।