इस अभ्यास में भारतीय सेना की ओर से करीब 120 जवान हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें अधिकतर सैनिक मराठा लाइट इन्फेंट्री रेजिमेंट से हैं वहीं रॉयल कंबोडियन आर्मी के 160 सैनिक भी इसमें भाग ले रहे हैं।
दरअसल यह अभ्यास मित्र देशों के साथ भारत के चल रहे रक्षा सहयोग का एक हिस्सा है और यह आतंकवाद-रोधी अभियानों और शांति स्थापना मिशनों पर केंद्रित है।
इसका मुख्य उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच तालमेल, समन्वय और संयुक्त ऑपरेशन क्षमता को मजबूत करना है।