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वॉन डेर लेयेन ने हिरोशिमा पर परमाणु हमले के लिए रूस को दोषी ठहराते झूठ कहा: रूसी MFA की प्रवक्ता

CC0 / United States Department of Defense / The "Baker" explosion, part of Operation Crossroads, a nuclear weapon test by the US military at Bikini Atoll, Micronesia, on 25 July 1946.
The Baker explosion, part of Operation Crossroads, a nuclear weapon test by the US military at Bikini Atoll, Micronesia, on 25 July 1946. - Sputnik भारत, 1920, 22.09.2023
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रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने गुरुवार यानी 21 सितंबर को कहा कि यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष वॉन डेर लेयेन ने अटलांटिक काउंसिल पुरस्कार वितरण में "एक विचित्र बयान दिया।"
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने इस बात पर ध्यान दिया कि यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन हिरोशिमा त्रासदी के लिए रूस को दोषी ठहराते हुए झूठ बोली हैं।

ज़खारोवा ने कहा, "[वॉन डेर लेयेन ने] यूक्रेन का समर्थन और रूस का सामना करने के लिए जापान के प्रधानमंत्री की प्रशंसा की; स्मरण कराया कि उनका परिवार हिरोशिमा से है और उनके रिश्तेदारों की वहाँ 1945 में परमाणु बमबारी के दौरान मृत्यु हो गई थी। अमेरिका और वाशिंगटन जल्लादों के बारे में उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा, जिन्होंने ही जापानी शहरों और नागरिकों पर बम गिराए थे।"

रूसी राजनयिक ने वॉन डेर लेयेन के बयान को लेकर आगे कहा, "यूरोपीय संघ के इतिहास में सबसे बड़े भ्रष्टाचार घोटालों में प्रतिवादी आगे बढ़ गईं – उन्होंने हिरोशिमा की त्रासदी के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया।"
वॉन डेर लेयेन ने कहा, "जब परमाणु बम ने हिरोशिमा को धराशायी कर दिया था तो आपके कई रिश्तेदारों की मृत्यु हो गई थी। आप जीवित रहे लोगों की कहानियां सुनकर बड़े हुए चाहते थे कि हम भी वही कहानियां सुनें, अतीत पर नज़र डालें और भविष्य के बारे में कुछ सीखें... रूस ने फिर से परमाणु हथियारों के प्रयोग की धमकी दे रही है।"
ज़खारोवा ने अपनी बात में जोड़ते हुए कहा, "यह घृणित और खतरनाक है कि उर्सुला वॉन डेर लेयेन कैसे झूठ बोलती हैं।"
अगस्त 1945 में अमेरिकी वायु सेना ने जापान के हिरोशिमा एवं नागासाकी शहरों पर परमाणु बम से आक्रमण किया था। दो बमों के विस्फोट से लगभग 220 हज़ार लोग मारे गए थे। विकिरण की घातक खुराक के कारण और 200 हज़ार से अधिक लोग मारे गए। परमाणु आक्रमण से जो लोग प्रभावित हुए थे, उनमें अधिकांश आम नागरिक थे।
विशेषज्ञों के अनुसार सैन्य औचित्य के अभिप्राय से दो शांतिपूर्ण जापानी शहरों पर बमबारी निरर्थक थी, क्योंकि सैन्यवादी जापान पर जीत मुख्य रूप से सोवियत सैनिकों द्वारा जापानी क्वांटुंग सेना को शिकस्त दिया जाने से प्राप्त हुई थी।
ऐसा माना जाता है कि जापान के शांतिपूर्ण शहरों पर परमाणु बमबारी करके अमेरिका सबसे पहले राजनीतिक लक्ष्यों को प्राप्त करना चाहता था। इस प्रकार, अमेरिका का लक्ष्य परमाणु हथियार को लेकर दुनिया के राष्ट्रों को डराना और अपनी रणनीतिक श्रेष्ठता सुनिश्चित करना था।
An allied correspondent stands in the rubble in front of the shell of a building that once was a movie theater in Hiroshima, Japan, a month after the first atomic bomb ever used in warfare was dropped by the U.S. on Aug. 6, 1945 - Sputnik भारत, 1920, 06.08.2023
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