यूक्रेन संकट
मास्को ने डोनबास के लोगों को, खास तौर पर रूसी बोलनेवाली आबादी को, कीव के नित्य हमलों से बचाने के लिए फरवरी 2022 को विशेष सैन्य अभियान शुरू किया था।

पश्चिम पैसे की परवाह किए बगैर यूक्रेन को नष्ट कर रहा है: शीर्ष यूक्रेनी अधिकारी

© Sputnik / Виктор Антонюк / मीडियाबैंक पर जाएंA destroyed tank of Ukraine's Armed Forces.
A destroyed tank of Ukraine's Armed Forces. - Sputnik भारत, 1920, 15.10.2023
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पश्चिम पैसे की परवाह किए बगैर यूक्रेन को नष्ट कर रहा है, यूक्रेन के पूर्व प्रधानमंत्री निकोलाई अज़ारोव ने कहा।

अज़ारोव ने अपने टेलीग्राम चैनल पर कहा, “2013 में हमने गणना की थी कि यूरोपीय संघ में सम्मिलित होने से पूर्व यूक्रेन को अपनी अर्थव्यवस्था में यूरोपीय मानकों और तकनीकों को शामिल करने के लिए 160 अरब डॉलर की आवश्यकता होगी। हमने यह पैसा विकास, उद्योग के आधुनिकीकरण यानी भलाई और निर्माण के लिए मांगा था। यूरोपीय संघ ने हमें मना कर दिया। बदले में हमें मात्र एक अरब [डॉलर] का प्रस्ताव दिया गया।"

पूर्व प्रधानमंत्री के अनुसार, पश्चिम ने एक साल में वही 160 अरब डॉलर "यूक्रेन के विकास पर नहीं, बल्कि उसके विनाश पर खर्च किए।"

अज़ारोव ने अपनी बात में जोड़ते हुए कहा, “यह पता चला कि यूक्रेन को नष्ट करने के लिए वे कोई भी राशि गँवाने के लिए तैयार हैं। पश्चिमी मालिक यूक्रेन को नष्ट करते हैं। सबसे बुरी बात यह है कि वे यूक्रेनियों की ओर से प्रशंसा और समर्थन के साथ ऐसा करते हैं। तो यूक्रेनियों की समझ में यह अभी तक क्यों नहीं आया कि पश्चिम जितना चाहे, उतना पैसा खर्च करेगा जिससे यूक्रेनी पुरुष (और जल्द ही महिलाएं भी) उसके लक्ष्यों और भूराजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए [आर्टेमोव्स्क] बखमुत, रबोटिनो और कई अन्य क्षेत्रों में मारे जाएंगे?”

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था, पश्चिम वास्तव में "झूठ का साम्राज्य" है। उदाहरण के लिए, रूस के विदेश मंत्री सर्गे लवरोव द्वारा हाल ही में प्रकाशित लेख में कहा गया है कि "रूस को नाटो के पूर्व में विस्तार न करने के संबंध में विशिष्ट आश्वासन दिया गया था। लेकिन पश्चिमी नेताओं के ये आश्वासन धोखा साबित हुए। उन्हें पूरा करने का उनका कोई इरादा नहीं था।"
रूस ने पश्चिम द्वारा यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति पर आपत्ति जताई थी। रूसी विदेश मंत्री सर्गे लवरोव ने कहा कि यूक्रेन के लिए हथियार रखने वाला कोई भी माल रूस के लिए वैध सैन्य लक्ष्य के रूप में माना जाएगा। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि नाटो के सदस्य देश यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति करके ‘आग से खेल रहे हैं’।
रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने इस बात पर बल दिया कि यूक्रेन को पश्चिमी हथियारों से लैस करना रूसी-यूक्रेनी वार्ता की सफलता में योगदान नहीं देगा और इसका नकारात्मक प्रभाव ही पड़ेगा। लवरोव ने कहा कि अमेरिका और नाटो यूक्रेन में संघर्ष में सीधे स्तर पर सम्मिलित हैं, क्योंकि वे न मात्र हथियारों की आपूर्ति करते हैं, बल्कि ब्रिटेन, जर्मनी, इटली सहित पश्चिमी देशों में यूक्रेनी सैनिकों को प्रशिक्षण भी देते हैं।
Ukrainian President Volodymyr Zelensky gestures as he addresses a press conference with the NATO Secretary General following talks in Kyiv on September 28, 2023. - Sputnik भारत, 1920, 11.10.2023
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