राजनीति
भारत की सबसे ताज़ा खबरें और वायरल कहानियाँ प्राप्त करें जो राष्ट्रीय घटनाओं और स्थानीय ट्रेंड्स पर आधारित हैं।

अनुभवहीन विचार से प्रेषित विश्वास था कि पश्चिम और रूस के मध्य कोई टकराव नहीं होगा: पुतिन

© Sputnik / Pavel Bednyakov / मीडियाबैंक पर जाएंVladimir Putin
Vladimir Putin - Sputnik भारत, 1920, 17.12.2023
सब्सक्राइब करें
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को कहा कि 2000 के दशक की शुरुआत में उन्हें एक भोला विचार था कि दुनिया बदल गई है, कोई वैचारिक टकराव नहीं है, और पश्चिम और रूस के मध्य संघर्ष का कोई आधार नहीं है।
पुतिन ने कहा, “मुझे एक भोला विचार था कि पूरी दुनिया और विशेष रूप से तथाकथित सभ्य दुनिया समझता है कि रूस के साथ क्या हुआ, कि यह एक पूरी तरह से अलग देश बन गया है, कि अब कोई वैचारिक टकराव नहीं है, जिसका अर्थ है कि संघर्ष का कोई आधार नहीं है”।
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने रूस के प्रति पश्चिमी देशों की नीतियों में नकारात्मक कार्रवाइयों को देखा, विशेषतः रूस के क्षेत्र में अलगाववाद और आतंकवाद के लिए समर्थन। लेकिन उनका मानना ​​था कि यह "केवल सोच और कार्य की जड़ता थी।"

पुतिन ने कहा, “परंतु वास्तविकता यह है कि बाद में मैं इस बात से 100% आश्वस्त हो गया कि सोवियत संघ के पतन के बाद उन्होंने (पश्चिम में) सोचा कि उन्हें धैर्य रखना होगा और वे रूस को भी ध्वस्त कर देंगे”।

रूसी नेता ने कहा, “[अमेरिकी राष्ट्रपति के पूर्व सलाहकार] ज़बिग्न्यू ब्रेज़िंस्की ने पश्चिम को रूस को पाँच भागों में विभाजित करने, इन भागों को अपने अधीन करने और उनके संसाधनों का उपयोग करने का सुझाव दिया था”।
Russian President Vladimir Putin delivers a speech during a military parade on Victory Day - Sputnik भारत, 1920, 29.11.2023
Explainers
क्या है "रूसी दुनिया" और व्लादिमीर पुतिन इसके पुनरुद्धार के समर्थक क्यों?
न्यूज़ फ़ीड
0
loader
चैट्स
Заголовок открываемого материала