राजनीति
भारत की सबसे ताज़ा खबरें और वायरल कहानियाँ प्राप्त करें जो राष्ट्रीय घटनाओं और स्थानीय ट्रेंड्स पर आधारित हैं।

भारत-बांग्लादेश के बीच चुनाव के बाद रिश्ते मज़बूत होंगे, जयशंकर ने जताई उम्मीद

© Photo : X/@DrSJaishankarS Jaishanakar
S Jaishanakar - Sputnik भारत, 1920, 02.01.2026
सब्सक्राइब करें
दिवंगत नेता खालिदा ज़िया के अंतिम संस्कार के लिए बांग्लादेश दौरे के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का एक पत्र सौंपा, जिसमें दोनों देशों के रिश्तों में "नई शुरुआत" करने की बात कही गई है।
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने उम्मीद व्यक्त किया है कि 12 फरवरी को होने वाले राष्ट्रीय चुनाव के बाद भारत-बांग्लादेश संबंध बेहतर होंगे।

जयशंकर ने शुक्रवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IITM) में आयोजित व्याख्यान श्रृंखला में एक सवाल के जवाब में कहा, "हमारे अधिकांश पड़ोसियों को यह एहसास है कि आज भारत की प्रगति एक बढ़ती हुई लहर है। अगर भारत आगे बढ़ेगा, तो हमारे सभी पड़ोसी भी हमारे साथ आगे बढ़ेंगे। उन्हें और भी बहुत सारे अवसर मिलेंगे। एक तरह से यही संदेश मैं बांग्लादेश लेकर गया था।"

इसके अलावा भारतीय विदेश मंत्री ने 12 फरवरी को होने वाले आगामी चुनाव के लिए बांग्लादेश को शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि जब हालात सामान्य हो जाएंगे, तो इस क्षेत्र में पड़ोसियों के बीच भाईचारे की भावना बढ़ेगी।"
जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी' की उपलब्धियों के बारे में बताया।

भारतीय विदेश मंत्री ने रेखांकित किया कि 2020-21 में कोविड महामारी फैलने के बाद भारत ने अपने दक्षिण एशियाई पड़ोसी देशों बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, मालदीव, मॉरीशस, म्यांमार और श्रीलंका को न सिर्फ वैक्सीन, बल्कि भोजन, ईंधन और खाद की भी आपूर्ति करके सहायता की।

जयशंकर ने आर्थिक संकट के बाद श्रीलंका को 4 बिलियन डॉलर का आर्थिक पैकेज देने में एक "अच्छे पड़ोसी" के तौर पर भारत की भूमिका को रेखांकित किया।

अगर आप किसी सामान्य इंसान से पूछेंगे, तो वह कहेगा कि मेरा पड़ोसी भारत जैसा है। जब स्थिति खराब होते हैं, तो मैं ऐसे देश पर भरोसा कर सकता हूँ। यह हमेशा कोई संकट होना ज़रूरी नहीं है। आप बिजली ग्रिड, जलमार्ग, सड़कों, बंदरगाहों, व्यापार, पर्यटन और चिकित्सीय उपचार के लिए लोगों के आने वाले के ज़रिए पड़ोसियों के साथ मिलकर काम कर सकते हैं। तो, यह एक सकारात्मक परिदृश्य है।

जयशंकर ने आगे कहा कि "बुरे पड़ोसी" भी हो सकते हैं, और पश्चिमी सीमा से होने वाले सीमा पार आतंकवाद को लेकर दिल्ली की लगातार चिंताओं का ज़िक्र किया।

जयशंकर ने निष्कर्ष निकाला, "कोई हमें यह नहीं बता सकता कि क्या करना है और क्या नहीं करना है। हमें अपना निर्णय करने का अधिकार है। यह एक सामान्य समझ की बात है।"

External Affairs Minister S Jaishankar - Sputnik भारत, 1920, 24.10.2025
राजनीति
विदेश मंत्री जयशंकर ने 'राजनीतिक दबदबे' को एक बड़ी वैश्विक चिंता बताया
न्यूज़ फ़ीड
0
loader
चैट्स
Заголовок открываемого материала