https://hindi.sputniknews.in/20260111/tramp-ne-griinlaind-men-hstkshep-krne-kii-yojnaa-bnaane-kaa-aadesh-diyaa-riiport-10329798.html
ट्रंप ने ग्रीनलैंड में हस्तक्षेप करने की योजना बनाने का आदेश दियाः रिपोर्ट
ट्रंप ने ग्रीनलैंड में हस्तक्षेप करने की योजना बनाने का आदेश दियाः रिपोर्ट
Sputnik भारत
ब्रिटिश अख़बार डेली मेल ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी विशेष सैन्य बलों को ग्रीनलैंड पर संभावित सैन्य अभियान की... 11.01.2026, Sputnik भारत
2026-01-11T11:57+0530
2026-01-11T11:57+0530
2026-01-11T11:57+0530
विश्व
अमेरिका
डॉनल्ड ट्रम्प
यूरोपीय संघ
यूरोप
नाटो
सैन्य तकनीक
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e9/0c/12/10234655_0:0:3071:1728_1920x0_80_0_0_40846a183ead74c67c61f272ba8b6cf8.jpg
यूरोपीय देशों में इस खबर को लेकर चिंता बढ़ गई है। अधिकारियों को आशंका है कि ट्रंप अमेरिका में नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं।दिसंबर 2025 में ट्रंप ने लुइज़ियाना के गवर्नर जेफ लैंड्री को ग्रीनलैंड के लिए विशेष दूत नियुक्त किया था। बाद में लैंड्री ने खुले तौर पर कहा कि अमेरिका इस द्वीप को अपना बनाना चाहता है।इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने कहा कि वह कोपेनहेगन में अमेरिकी राजदूत को तलब करेंगे। वहीं, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त बयान में अमेरिका को चेतावनी दी कि वे अमेरिका से ग्रीनलैंड क्षेत्रीय संप्रभुता का सम्मान करने की उम्मीद करते हैं।इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने घोषणा की कि वह अगले सप्ताह डेनमार्क के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। यह बयान तब आया, जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका ग्रीनलैंड को लेकर सैन्य कार्रवाई से इनकार करने को तैयार है।हालांकि, ग्रीनलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री म्यूट एगेडे ने साफ कहा कि द्वीप न तो बिकाऊ है और न ही अमेरिका का हिस्सा बनेगा। इसके बावजूद ट्रंप ने सैन्य बल के इस्तेमाल से पूरी तरह इनकार नहीं किया।ग़ौरतलब है कि ग्रीनलैंड 1953 तक डेनमार्क का उपनिवेश था। आज भी यह डेनिश साम्राज्य का हिस्सा है, लेकिन 2009 से इसे स्वायत्तता मिली और वह अपने आंतरिक मामलों पर स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सकता है।
https://hindi.sputniknews.in/20260107/trump-plans-to-buy-greenland-invasion-off-the-table-rubio-10320107.html
अमेरिका
यूरोप
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
2026
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
खबरें
hi_IN
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e9/0c/12/10234655_175:0:2906:2048_1920x0_80_0_0_498884e034a4c3bc0ea44e007ea1a235.jpgSputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
अमेरिका, डॉनल्ड ट्रम्प, यूरोपीय संघ, यूरोप , नाटो, सैन्य तकनीक
अमेरिका, डॉनल्ड ट्रम्प, यूरोपीय संघ, यूरोप , नाटो, सैन्य तकनीक
ट्रंप ने ग्रीनलैंड में हस्तक्षेप करने की योजना बनाने का आदेश दियाः रिपोर्ट
ब्रिटिश अख़बार डेली मेल ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी विशेष सैन्य बलों को ग्रीनलैंड पर संभावित सैन्य अभियान की योजना तैयार करने का निर्देश दिया है।
सूत्रों का कहना है कि अमेरिकी सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी इस विचार से सहमत नहीं हैं। इसके बावजूद ट्रंप के करीबी सलाहकार स्टीफन मिलर इस योजना के प्रमुख समर्थक माने जा रहे हैं।
यूरोपीय देशों में इस खबर को लेकर चिंता बढ़ गई है। अधिकारियों को आशंका है कि ट्रंप अमेरिका में नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं।
दिसंबर 2025 में ट्रंप ने लुइज़ियाना के गवर्नर जेफ लैंड्री को ग्रीनलैंड के लिए विशेष दूत नियुक्त किया था। बाद में लैंड्री ने खुले तौर पर कहा कि अमेरिका इस द्वीप को अपना बनाना चाहता है।
इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने कहा कि वह कोपेनहेगन में अमेरिकी राजदूत को तलब करेंगे। वहीं, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त बयान में अमेरिका को चेतावनी दी कि वे अमेरिका से ग्रीनलैंड क्षेत्रीय संप्रभुता का सम्मान करने की उम्मीद करते हैं।
इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने घोषणा की कि वह अगले सप्ताह डेनमार्क के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। यह बयान तब आया, जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका ग्रीनलैंड को लेकर सैन्य कार्रवाई से इनकार करने को तैयार है।
ट्रंप पहले भी कई बार कह चुके हैं कि ग्रीनलैंड अमेरिका की सुरक्षा के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम है। उनके मुताबिक, यह "फ्री वर्ल्ड" (आज़ाद दुनिया) की रक्षा से जुड़ा मुद्दा है।
हालांकि, ग्रीनलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री म्यूट एगेडे ने साफ कहा कि द्वीप न तो बिकाऊ है और न ही अमेरिका का हिस्सा बनेगा। इसके बावजूद ट्रंप ने सैन्य बल के इस्तेमाल से पूरी तरह इनकार नहीं किया।
ग़ौरतलब है कि ग्रीनलैंड 1953 तक डेनमार्क का उपनिवेश था। आज भी यह डेनिश साम्राज्य का हिस्सा है, लेकिन 2009 से इसे स्वायत्तता मिली और वह अपने आंतरिक मामलों पर स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सकता है।