https://hindi.sputniknews.in/20260308/pshchimii-deshon-ke-smrithn-se-kiiv-men-tkhtaaplt-huaa-usii-se-yuukren-snkt-kii-shuriuaat-putin-10583097.html
पश्चिमी देशों के समर्थन से कीव में तख्तापलट हुआ, उसी से यूक्रेन संकट की शुरुआत: पुतिन
पश्चिमी देशों के समर्थन से कीव में तख्तापलट हुआ, उसी से यूक्रेन संकट की शुरुआत: पुतिन
Sputnik भारत
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को जारी एक इंटरव्यू में कहा कि यूक्रेन संकट की जड़ पश्चिमी देशों द्वारा कीव में हुए तख्तापलट को दिया गया समर्थन है। 08.03.2026, Sputnik भारत
2026-03-08T16:39+0530
2026-03-08T16:39+0530
2026-03-08T16:39+0530
यूक्रेन संकट
रूस
यूक्रेन
अमेरिका
विशेष सैन्य अभियान
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e9/0b/05/10016734_0:0:2969:1671_1920x0_80_0_0_7d8e4f0e41fc0f0e28f88107b1e82306.jpg
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि यूक्रेन में चल रहा संघर्ष पश्चिमी देशों की एक व्यवस्थित गलती का नतीजा है।
रूस
यूक्रेन
अमेरिका
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
2026
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
खबरें
hi_IN
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e9/0b/05/10016734_176:0:2907:2048_1920x0_80_0_0_4df55f723a9824b96b5e38ee9a0bd158.jpgSputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
रूस , यूक्रेन , अमेरिका, विशेष सैन्य अभियान
रूस , यूक्रेन , अमेरिका, विशेष सैन्य अभियान
पश्चिमी देशों के समर्थन से कीव में तख्तापलट हुआ, उसी से यूक्रेन संकट की शुरुआत: पुतिन
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को जारी एक इंटरव्यू में कहा कि यूक्रेन संकट की जड़ पश्चिमी देशों द्वारा कीव में हुए तख्तापलट को दिया गया समर्थन है।
पुतिन ने कहा, "आखिर यूक्रेन संकट कब शुरू हुआ? इसकी शुरुआत यूक्रेन में तख्तापलट के लिए पश्चिमी देशों के समर्थन से हुई। इसके बाद क्रीमिया में घटनाएं हुईं और फिर दक्षिण-पूर्वी यूक्रेन - डोनबास और नोवोरोसिया - में हालात बिगड़े। यहीं से पूरा संकट पैदा हुआ।"
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि यूक्रेन में चल रहा संघर्ष पश्चिमी देशों की एक व्यवस्थित गलती का नतीजा है।
उन्होंने कहा, "यह हमारे कदमों का परिणाम नहीं है। यह पश्चिमी और यूरोपीय देशों की कार्रवाइयों का नतीजा है। अब वे वही भुगत रहे हैं जो उन्होंने खुद बोया है।"