ईरान ने US-इज़राइली मिसाइल रक्षा की कमियों का फ़ायदा उठाया: सैन्य विशेषज्ञ
11:57 23.03.2026 (अपडेटेड: 12:25 23.03.2026)

© AP Photo
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लेबनान की अमेरिकन यूनिवर्सिटी में एसोसिएट प्रोफ़ेसर इमाद सलामे ने Sputnik को बताया कि THAAD और आयरन डोम जैसे वायु रक्षा प्रणाली भले ही बहुत काबिल हों, लेकिन वे अभी भी कई दिशाओं से होने वाले मिले-जुले मिसाइल और ड्रोन हमलों के सामने बेअसर हैं।
डिमोना और अराद पर ईरानी हमलों के बाद उन्होंने बताया, “यहां जो कमज़ोरी सामने आई है, वह किसी एक प्रणाली की नाकामी नहीं है जब उन पर बड़े स्तर पर मिलकर हमला किया जाता है तो यह एक सीमा तक ही रक्षा कर पाते हैं।"
आगे विशेषज्ञ बताते हैं कि इस तरह इज़राइल पर ज़्यादा खर्च थोपकर और उसकी “कार्रवाई की आज़ादी” को और बढ़ाकर, ईरान या तो लड़ाई को बढ़ा सकता है या “अप्रत्यक्ष बातचीत की ओर जा सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष लगातार हमलों के बढ़ते खतरों और कम होते फ़ायदों को देख रहे हैं।”
US मिसाइल रक्षा की नाकामी की कीमत के बारे में सलामे ने बताया कि इसकी कमज़ोरी ने मध्य पूर्व पर गहरा रणनीतिक असर छोड़ा है, क्योंकि ऐसे हथियारों का इस्तेमाल पूरे इलाके में अमेरिकी संसाधनों की सुरक्षा के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है।
US के विरोधी अब देख रहे हैं कि मिसाइल और ड्रोन तकनीक “तकनीक के मामले में बेहतर विरोधियों” से लड़ने का एक सस्ता तरीका है, जबकि अमेरिका को अपनी सेना की स्थिति पर फिर से सोचने और “एक साथ जुड़ी रक्षा व्यवस्था में निवेश करने” के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा, "इज़राइली वायु क्षेत्र पर ईरान के नियंत्रण पर बात करते हुए सलामी कहते हैं कि अगर ईरान दिखाता है कि वह इज़राइल में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण लक्ष्यों पर बार-बार हमला कर सकता है, तो इससे इस लड़ाई का माहौल बदल जाएगा।


