व्यापार और अर्थव्यवस्था

2026 में EU की अर्थव्यवस्था पर संकट के बादल, पुतिन के विशेष दूत दिमित्रीव का दावा

© Sputnik / Alexandr Kryazhev / मीडियाबैंक पर जाएंKirill Dmitriev, Russian special presidential envoy for economic cooperation with foreign countries and head of the Russian Direct Investment Fund (RDIF)
Kirill Dmitriev, Russian special presidential envoy for economic cooperation with foreign countries and head of the Russian Direct Investment Fund (RDIF) - Sputnik भारत, 1920, 01.04.2026
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रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (RDIF) के प्रमुख और विदेशी देशों के साथ आर्थिक सहयोग के लिए रूसी राष्ट्रपति के विशेष दूत किरिल दिमित्रीव ने बुधवार को कहा कि 2026 में यूरोपीय संघ (EU) को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।
दिमित्रीव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "अप्रैल का महीना यूरोपीय संघ के कई देशों को हकीकत से रूबरू कराएगा, क्योंकि साल के अंत तक ऊर्जा संकट की वजह से आर्थिक गिरावट हो सकता है।"
दिमित्रीव का यह बयान अप्रैल फूल्स डे से जुड़ी उन खबरों के जवाब में आया, जिनमें दावा किया गया था कि जर्मनी 15 नए परमाणु ऊर्जा संयंत्र बनाएगा और रूस से तेल-गैस पर लगे सभी प्रतिबंध तुरंत हटा देगा। साथ ही, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज द्वारा नॉर्ड स्ट्रीम-2 पाइपलाइन को फिर से शुरू करने के लिए फंड देने की बात भी कही गई थी।

दिमित्रीव ने साथ ही कहा, "अप्रैल फूल्स डे की विडंबना यह है कि ये सभी कदम वास्तव में पहले की रणनीतिक गलतियों को सुधार सकते थे, लेकिन उन्हें स्वीकार नहीं किया गया और अब वही यूरोपीय संघ को नुकसान पहुंचा रही हैं।"

जर्मनी की 'काउंसिल फॉर कॉन्स्टिट्यूशन एंड सॉवरेनिटी' के प्रमुख राल्फ नीमायर ने पहले Sputnik से कहा था कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य की नाकाबंदी के कारण पैदा हुई ईंधन संकट के बीच जर्मनी और यूरोपीय संघ को रूस के साथ तुरंत बातचीत शुरू करनी चाहिए। इसमें नॉर्ड स्ट्रीम-2 की बची हुई लाइन के जरिए गैस सप्लाई और अन्य ऊर्जा संसाधनों पर चर्चा शामिल हो सकती है।
बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल ने तेहरान सहित ईरान के कई ठिकानों पर हमले किए, जिनमें नुकसान और नागरिक हताहत हुए हें। इसके जवाब में ईरान ने इज़राइल और मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
ईरान को लेकर बढ़ते तनाव के चलते होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर असर पड़ा है, जो वैश्विक बाजार में तेल और एलएनजी की आपूर्ति का एक अहम रास्ता है। इस स्थिति से तेल के उत्पादन और निर्यात पर भी असर पड़ा है, जिससे कीमतों में तेजी आई है।
Commuters walk on a platform after disembarking from a suburban train at a railway station in Mumbai, India, January 21, 2023. - Sputnik भारत, 1920, 01.04.2026
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