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भारत ने मार्च महीने में रूस से तेल खरीद में की 90 प्रतिशत की वृद्धि
भारत ने मार्च महीने में रूस से तेल खरीद में की 90 प्रतिशत की वृद्धि
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पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत ने मार्च 2026 में करीब दो मिलियन बैरल प्रति दिन रूसी कच्चे तेल का आयात किया, जो जून 2025 के बाद सबसे अधिक है।
2026-04-03T12:07+0530
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फरवरी महीने की तुलना में मार्च में भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद 90 प्रतिशत बढ़ गई है। केप्लर के डेटा के अनुसार, भारतीय रिफाइनर कंपनियों ने खासकर मार्च की शुरुआत में अमेरिका द्वारा इंक्रीमेंटल खरीद पर लगी रोक हटाने के बाद रूस से आयात बढ़ा दिया है।दरअसल ईरान पर अमेरिका-इज़राइल के हमले के बाद से होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट की वजह से पश्चिम एशिया से भारत के पेट्रोलियम गैस (LPG) आयात में 40% की गिरावट आई और मार्च में नेचुरल गैस (LNG) शिपमेंट में भी कमी आई।उन्होंने कहा कि "रूस से तेल की खरीद आगे जारी रहने की उम्मीद है, जबकि ईरानी बैरल खरीदने की भी संभावना है जिससे तेल आपूर्ति के जोखिम को कुछ कम करने में मदद मिलेगी।"
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पश्चिम एशिया में युद्ध, वैश्विक ऊर्जा संकट, रूसी कच्चे तेल का आयात, रूस से कच्चे तेल की खरीद, होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट, ईरान पर अमेरिका-इज़राइल के हमले, कच्चे तेल की खरीद, रूस से तेल की खरीद, तेल आपूर्ति के जोखिम
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भारत ने मार्च महीने में रूस से तेल खरीद में की 90 प्रतिशत की वृद्धि
पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत ने मार्च 2026 में करीब दो मिलियन बैरल प्रति दिन रूसी कच्चे तेल का आयात किया, जो जून 2025 के बाद सबसे अधिक है।
फरवरी महीने की तुलना में मार्च में भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद 90 प्रतिशत बढ़ गई है। केप्लर के डेटा के अनुसार, भारतीय रिफाइनर कंपनियों ने खासकर मार्च की शुरुआत में अमेरिका द्वारा इंक्रीमेंटल खरीद पर लगी रोक हटाने के बाद रूस से आयात बढ़ा दिया है।
दरअसल ईरान पर अमेरिका-इज़राइल के हमले के बाद से
होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट की वजह से पश्चिम एशिया से भारत के पेट्रोलियम गैस (LPG) आयात में 40% की गिरावट आई और मार्च में नेचुरल गैस (LNG) शिपमेंट में भी कमी आई।
ग्लोबल डेटा एनालिटिक्स फर्म केप्लर के लीड एनालिस्ट सुमित रिटोइया ने कहा कि "पहले, भारत रूस से अच्छा-खासा डिस्काउंट पर कच्चा तेल खरीद रहा था। हालांकि, मौजूदा हालात में वह डिस्काउंट काफी हद तक खत्म हो गया है।"
उन्होंने कहा कि "
रूस से तेल की खरीद आगे जारी रहने की उम्मीद है, जबकि ईरानी बैरल खरीदने की भी संभावना है जिससे तेल आपूर्ति के जोखिम को कुछ कम करने में मदद मिलेगी।"