https://hindi.sputniknews.in/20260421/ameriikaa-ke-saath-yuddh-auri-baatchiit-ko-lekri-niyntrn-kyon-hai-irgc-ke-paas-smjhen-iske-piiche-kii-vjh-10783709.html
अमेरिका के साथ युद्ध और बातचीत को लेकर नियंत्रण क्यों है IRGC के पास? समझें इसके पीछे की वजह
अमेरिका के साथ युद्ध और बातचीत को लेकर नियंत्रण क्यों है IRGC के पास? समझें इसके पीछे की वजह
Sputnik भारत
अनुभवी युद्ध संवाददाता एलिजाह मैग्नियर ने कहा कि 28 फरवरी को “ईरान ने महज़ 10 मिनट में जवाबी कार्रवाई की” और खाड़ी क्षेत्र तथा इज़राइल में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
2026-04-21T19:09+0530
2026-04-21T19:09+0530
2026-04-21T19:09+0530
sputnik मान्यता
ईरान
अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध
अमेरिका
मध्य पूर्व
पाकिस्तान
परमाणु ऊर्जा
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07ea/04/15/10783695_0:0:1920:1080_1920x0_80_0_0_8c30b3b7742970592df5c4a4450d66ea.jpg
मैग्नियर ने Sputnik से बातचीत में कहा, “इसलिए, ईरानी कार्रवाइयों का संचालन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के हाथों में ही है।”ईरान हमेशा वार्ता के लिए खुला है, लेकिन वह एसी जल्दबाज़ी में, जब अमेरिका का मौजूदा प्रशासन “परमाणु मुद्दे” पर दीर्घकालिक बातचीत को “48 घंटों” में खत्म करने की कोशिश कर रहा हो, तब वह वार्ता नहीं करेगा।उन्होंने ज़ोर देकर कहा, “यह तय करना अमेरिका का अधिकार नहीं है कि ईरान किनके साथ गठबंधन रखे।” साथ ही उन्होंने उल्लेख किया कि खाड़ी के अरब देशों में अमेरिकी सैनिकों को बेस पर रखने के फ़ायदे को लेकर चिंता बढ़ रही है, क्योंकि वे न केवल खुद की सुरक्षा, बलकी मेजबान देशों की सुरक्षा भी सुनिश्चित नहीं कर पाते हैं। इसके बावजूद, वे चाहते हैं कि अरब देश ही उनके मौजूदगी के लिए पैसे दें।
https://hindi.sputniknews.in/20260416/iiriaan-yuddh-men-us-ke-ghmnd-ne-uske-mltii-domen-prieshns-dktriin-ko-duboyaa-pentaagn-puuriv-vishleshk-10763428.html
ईरान
अमेरिका
मध्य पूर्व
पाकिस्तान
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
2026
खबरें
hi_IN
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
When it Comes to the War and Negotiations With the US, IRGC is in Charge and Here’s Why
Sputnik भारत
When it Comes to the War and Negotiations With the US, IRGC is in Charge and Here’s Why
2026-04-21T19:09+0530
true
PT3M38S
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07ea/04/15/10783695_240:0:1680:1080_1920x0_80_0_0_f6225efc7885565c8f60a8dc534606ca.jpgSputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
अमेरिका-ईरान युद्ध, इस्लामाबाद बातचीत, irgc
अमेरिका-ईरान युद्ध, इस्लामाबाद बातचीत, irgc
अमेरिका के साथ युद्ध और बातचीत को लेकर नियंत्रण क्यों है IRGC के पास? समझें इसके पीछे की वजह
अनुभवी युद्ध संवाददाता एलिजाह मैग्नियर ने कहा कि 28 फरवरी को सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई और अन्य शीर्ष अधिकारियों व कमांडरों की हत्या के बाद “ईरान ने महज़ 10 मिनट में जवाबी कार्रवाई की” और खाड़ी क्षेत्र तथा इज़राइल में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
मैग्नियर ने Sputnik से बातचीत में कहा, “इसलिए, ईरानी कार्रवाइयों का संचालन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के हाथों में ही है।”
ईरान हमेशा वार्ता के लिए खुला है, लेकिन वह एसी जल्दबाज़ी में, जब अमेरिका का मौजूदा प्रशासन “परमाणु मुद्दे” पर दीर्घकालिक बातचीत को “48 घंटों” में खत्म करने की कोशिश कर रहा हो, तब वह वार्ता नहीं करेगा।
मैग्नियर के अनुसार, वाशिंगटन की मांगें अस्वीकार्य हैं। उन्होंने कहा है कि ईरान “यूरेनियम संवर्धन तथा मौजूदा भंडारों के साथ-साथ मिसाइल कार्यक्रम और अपने क्षेत्रीय सहयोगियों का समर्थन करने के अपने अधिकारों से कभी पीछे नहीं हटेगा।"
उन्होंने ज़ोर देकर कहा, “यह तय करना अमेरिका का अधिकार नहीं है कि ईरान किनके साथ गठबंधन रखे।” साथ ही उन्होंने उल्लेख किया कि खाड़ी के अरब देशों में अमेरिकी सैनिकों को बेस पर रखने के फ़ायदे को लेकर चिंता बढ़ रही है, क्योंकि वे न केवल खुद की सुरक्षा, बलकी मेजबान देशों की सुरक्षा भी सुनिश्चित नहीं कर पाते हैं। इसके बावजूद, वे चाहते हैं कि अरब देश ही उनके मौजूदगी के लिए पैसे दें।
मैग्नियर ने अंत में कहा, “इस युद्ध के परिणाम मध्य पूर्व में अमेरिका के लिए अभूतपूर्व और विनाशकारी होंगे। अमेरिका का यह मानना कि पाकिस्तान में महज बातचीत से ही ईरान के साथ तत्काल समझौता हो जाएगा, किसी 'जादुई समाधान' की कल्पना जैसा है। ऐसा नहीं होने वाला है।“