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ईरान पर अमेरिकी हमलों के बाद बढ़ा सैन्य तनाव, बहरीन और जॉर्डन के ठिकानों पर ईरानी पलटवार

© Photo : CENTCOMA US warplane taking part in Operation Epic Fury. File photo
A US warplane taking part in Operation Epic Fury. File photo - Sputnik भारत, 1920, 10.06.2026
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अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने मंगलवार को बताया कि अमेरिकी सेना ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास ईरानी ठिकानों पर सिलसिलेवार आत्मरक्षात्मक हमले किए हैं। खास बात यह है कि अमेरिकी सेना की यह कार्रवाई ईरान द्वारा बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर ताबड़तोड़ ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू करने से महज कुछ घंटे पहले हुई।
सेंटकॉम ने कहा कि ये हमले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को ईरान द्वारा कथित तौर पर मार गिराए जाने के जवाब में किये गए थे।
"अमेरिकी सेंट्रल कमांड बलों ने कमांडर इन चीफ के निर्देशन पर, कल अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर के मार गिराए जाने के जवाब में, 9 जून को ईरान पर आत्मरक्षात्मक हमले किए हैं," कमांड ने एक्स पर एक बयान में कहा।
हमलों ने रणनीतिक होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास ईरानी वायु रक्षा प्रणालियों, जमीनी नियंत्रण स्टेशनों और निगरानी रडारों को निशाना बनाया, बता दें कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य वैश्विक तेल शिपमेंट के लिए एक महत्वपूर्ण चोकपॉइंट है।
"यह ऑपरेशन अमेरिकी बलों और क्षेत्रीय जल में यात्रा करने वाले अंतर्राष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों पर हाल के हमलों के लिए एक आनुपातिक प्रतिक्रिया थी," सेंटकॉम ने कहा। "अमेरिकी बल सतर्क हैं और अनुचित ईरानी आक्रामकता के ख़िलाफ़ बचाव के लिए तैनात हैं।"

ईरान ने ड्रोन और मिसाइल हमलों से जवाबी कार्रवाई की

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने एक समन्वित जवाबी कार्रवाई शुरू की, जिसमें बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया गया।
बहरीन में ईरानी ड्रोनों ने मनामा में अमेरिकी पांचवें बेड़े के अड्डे को निशाना बनाया। सोशल मीडिया फुटेज ने एक सीधा प्रभाव दिखाया, और राजधानी भर में वायु रक्षा सायरन सुने गए।
जॉर्डन में आईआरजीसी ने लंबी दूरी की ठोस-ईंधन मिसाइलों से अल-अज़राक एयर बेस (जिसे मुवाफ्फक साल्टी एयर बेस के नाम से भी जाना जाता है) पर हमला किया। अम्मान से लगभग 100 किमी पूर्व में स्थित यह अड्डा दर्जनों अमेरिकी F-35 और F-15 लड़ाकू विमानों के साथ-साथ 332वें एयर एक्सपीडिशनरी विंग का ठिकाना है।
ईरानी मीडिया ने रिपोर्ट किया कि मिसाइलों ने F-35 हैंगर और कमांड कंट्रोल सेंटर को निशाना बनाया।
प्रोजेक्टाइल के ऊपर से उड़ान भरने के साथ पूरे कुवैत में भी वायु रक्षा गतिविधि की सूचना मिली।

ईरान की चेतावनी: "हमारे क्षेत्र को छोड़ दो"

इससे पहले, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी सेना को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर वे इस संघर्ष से बचना चाहते हैं, तो उन्हें यह क्षेत्र छोड़ देना चाहिए।
अमेरिकी सेना के शुरुआती हमलों के बाद अराघची ने कहा, "अगर आप सुरक्षित रहना चाहते हैं, तो हमारे इलाके से बाहर निकल जाएं। फारस की खाड़ी के इतिहास में घुसपैठ करने वाले बाहरी देशों के भयानक हश्र के कई अध्याय दर्ज हैं।"
28 फरवरी को, संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर हमले शुरू किए, जिसमें तेहरान को निशाना बनाया गया और वहां नागरिक हताहत हुए। ईरान ने इज़रायली क्षेत्र और मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य सुविधाओं पर हमला करके इसका जवाब दिया। 7 अप्रैल को वाशिंगटन और तेहरान ने एक संघर्ष विराम की घोषणा की। इसके बाद इस्लामाबाद में शांति वार्ता आयोजित की गई जो बिना किसी सफलता के समाप्त हो गई।
A plume of smoke rises after a strike in Tehran, Iran, Monday, March 2, 2026. (AP Photo/Vahid Salemi) - Sputnik भारत, 1920, 09.06.2026
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