रूस और आसियान निष्पक्ष और लोकतांत्रिक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध: पुतिन
17:30 18.06.2026 (अपडेटेड: 18:20 18.06.2026)

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रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि रूस और आसियान देश निष्पक्ष और लोकतांत्रिक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं।
आसियान सम्मेलन के बाद राष्ट्रपति पुतिन के वक्तव्य के मुख्य बिन्दु:
रूस आसियान देशों को उनकी ज़रूरत की ऊर्जा और खाद्य आपूर्ति जारी रखेगा।
रूस और आसियान देशों को राष्ट्रीय मुद्रा में निपटारा करना चाहिए और व्यापार में रुकावटें हटानी चाहिए।
रूस और आसियान अंतरमहाद्वीपीय समुद्री और माल परिवहन को बढ़ाते हुए नए मार्ग बना रहे हैं।
रूस ने आसियान को उर्वरकों एवं दवाओं सहित उच्च मूल्य संवर्धित उत्पादों का निर्यात बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।
रूस-आसियान सम्मेलन के प्रतिभागियों ने दोनों देशों के बीच व्यापार में गुणात्मक और मात्रात्मक बढ़ोतरी की मांग की।
🚨🇷🇺रूस और आसियान देश निष्पक्ष और लोकतांत्रिक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था बनाने के लिए प्रतिबद्ध: पुतिन pic.twitter.com/zSyclt7Gt1
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इसके साथ पुतिन ने कहा कि "हमने संघर्ष को समाप्त करने और भविष्य के शांति समझौते के खाके पर काम करने के लिए ईरान-अमेरिका समझौते का स्वागत किया।"
"आधुनिक विश्व की कई समस्याओं पर हमारा रुख काफी हद तक समान है या पूरी तरह मेल खाता है। यह विशेष रूप से ईरान से जुड़े घटनाक्रमों पर भी लागू होता है। हमने सैन्य संघर्ष को समाप्त करने और भविष्य के शांति समझौते के खाके पर काम करने के लिए ईरानी और अमेरिकी पक्षों के बीच हुए समझौते का सर्वसम्मति से स्वागत किया है," रूसी राष्ट्रपति ने कहा।
रूसी राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि "हमारा मानना है कि दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों, श्री ट्रंप और श्री पेजेश्कियान द्वारा इस दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किया जाना, इस बात की उम्मीद जगाता है कि यह एक गंभीर और ठोस दस्तावेज़ होगा जो भविष्य के समझौतों का मुख्य आधार बनेगा। हम आशा करते हैं कि इससे मध्य पूर्व और फारस की खाड़ी की स्थिति स्थिर होगी, जिसका वैश्विक ऊर्जा और खाद्य बाजारों पर भी अनुकूल प्रभाव पड़ेगा।"
🚨हमने संघर्ष को समाप्त करने और भविष्य के शांति समझौते के खाके पर काम करने के लिए ईरान-अमेरिका समझौते का स्वागत किया: पुतिन
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रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि “हम आशा करते हैं कि इससे मध्य पूर्व और फारस की खाड़ी की स्थिति स्थिर होगी, जिसका वैश्विक ऊर्जा और खाद्य बाजारों पर भी अनुकूल… pic.twitter.com/zR5ZxBTWij

