यूक्रेन संकट
मास्को ने डोनबास के लोगों को, खास तौर पर रूसी बोलनेवाली आबादी को, कीव के नित्य हमलों से बचाने के लिए फरवरी 2022 को विशेष सैन्य अभियान शुरू किया था।

रूस ने अमेरिका-ईरान समझौते का किया स्वागत, सार्थक बातचीत की उम्मीद: क्रेमलिन

© AP Photo / Kamran JebreiliA tourist couple watches the mountains in south of the Strait of Hormuz as the trading dhows and ships are docked on the Persian Gulf waters near the town of Khasab, in Oman
A tourist couple watches the mountains in south of the Strait of Hormuz as the trading dhows and ships are docked on the Persian Gulf waters near the town of Khasab, in Oman - Sputnik भारत, 1920, 23.06.2026
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क्रेमलिन के सहयोगी यूरी उशाकोव ने मंगलवार को कहा कि रूस, अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का स्वागत करता है और उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच बातचीत सार्थक होगी।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल के विपरीत, डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति-काल में अमेरिका ने बातचीत के ज़रिए यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने की कोशिश की है, उशाकोव ने कहा।

"मुझे याद है कि जैसे ही विशेष सैन्य अभियान शुरू हुआ, बाइडेन प्रशासन ने कीव को राजनीतिक और सैन्य मदद देने वाले समर्थक की भूमिका निभाई। जैसा कि सभी जानते हैं, राष्ट्रपति बाइडेन के कार्यकाल में ही वॉशिंगटन ने रूस-विरोधी भावना (रूसोफोबिया) का माहौल बनाया। मुझे कहना होगा कि ट्रंप के दौर में अमेरिकियों ने कुछ खास बारीकियों के साथ एक रुख अपनाया और मध्यस्थता की कोशिशें कीं; जैसा कि आपको याद होगा, इन कोशिशों की वजह से ही इस्तांबुल और जिनेवा में बातचीत के दौर हो पाए," उशाकोव ने कहा।

फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन के प्रतिभागियों ने पश्चिमी नियमों पर आधारित व्यवस्था को और अधिक बेबाकी से लागू करने पर चर्चा की, क्रेमलिन के सहयोगी ने कहा।

उशाकोव ने कहा, "G7 क्लब ने खुद को इस मुगालते में डाल लिया है कि वह जब चाहे, तब अपनी नियम-आधारित व्यवस्था को दूसरों पर और अधिक आक्रामक तरीके से थोप सकता है।"

उशाकोव के अनुसार, फ्रांस के एवियन (G7) में जुटे यूरोपीय नेताओं ने पूरी कोशिश की कि पश्चिमी देश यूक्रेन संकट को बढ़ावा देने के लिए फिर से एकजुट हों। उनका मक़सद था कि इस नए माहौल में पिछले साल हुए 'एंकरेज समझौतों' को पूरी तरह भुला दिया जाए।
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