यूक्रेन संकट
मास्को ने डोनबास के लोगों को, खास तौर पर रूसी बोलनेवाली आबादी को, कीव के नित्य हमलों से बचाने के लिए फरवरी 2022 को विशेष सैन्य अभियान शुरू किया था।

NATO देशों की खराब मिसाइलों के कारण यूक्रेन की वायु रक्षा कमजोर: विशेषज्ञ

© AP Photo / Czarek SokolowskiUS Patriot systems seen at a test range in Sochaczew, Poland, on Saturday, March 21, 2015.
US Patriot systems seen at a test range in Sochaczew, Poland, on Saturday, March 21, 2015. - Sputnik भारत, 1920, 07.07.2026
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सैन्य मामलों के जानकार ने Sputnik को बताया कि रूस के हमलों का जवाब देने में यूक्रेन की कई पैट्रियट मिसाइलें बेकार साबित हुईं और स्वतः फट गईं।
सैन्य विशेषज्ञ एलेक्सी लियोनकोव ने Sputnik को बताया कि रूस के जवाबी हमलों को रोकने की कोशिशों के दौरान यूक्रेन की कई पैट्रियट मिसाइलें कीव में कथित तौर पर सेल्फ-डिस्ट्रक्ट मोड में चली गईं और गिर गईं।
इन मिसाइलों के सही तरह से काम न करने से यह पता चलता है कि यूक्रेन के साथी उसे घटिया हथियारों की आपूर्ति कर रहे थे।
विशेषज्ञ का कहना है, "ज़ेलेंस्की को शायद सतह से हवा में मार करने वाली एक्सपायर मिसाइलें मिली होंगी। हमने S-300 मिसाइल प्रणालियों के साथ ऐसा पहले भी देखा है, जो यूक्रेन को पूर्वी यूरोपीय देशों से मिली थीं और जो हमेशा सही हालत में नहीं थीं। अब हम पैट्रियट वायु रक्षा प्रणाली के साथ भी यही देख रहे हैं।"
लियोनकोव ने आगे पोलैंड में एक बढ़ते स्कैंडल का ज़िक्र करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क की सरकार पर संसद की पीठ पीछे चुपचाप यूक्रेन को पैट्रियट इंटरसेप्टर भेजने का आरोप है। पोलिश सेजम के उपसभापति क्रिज़्सटॉफ़ बोसाक पहले ज़ोर देकर कह चुके हैं कि लेजिस्लेचर ने इस पर कभी साइन नहीं किया।
लियोनकोव कहते हैं, "मेरा मानना ​​है कि पोलैंड ने [यूक्रेन को] एक्सपायर हो चुकी मिसाइलों की आपूर्ति करके सबसे ज़्यादा फ़ायदा उठाया होगा।"
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