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अमेरिकी दबाव से निपटने के लिए ब्रिक्स और 'दक्षिण-सहयोग' की शरण में ब्राजील, नीति में बड़ा फेरबदल
अमेरिकी दबाव से निपटने के लिए ब्रिक्स और 'दक्षिण-सहयोग' की शरण में ब्राजील, नीति में बड़ा फेरबदल
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शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने एक नया विदेश नीति मंच पेश किया है, जो देश की अंतरराष्ट्रीय रणनीति के केंद्र में दक्षिण-दक्षिण सहयोग को रखता है, क्योंकि अमेरिका के साथ राजनयिक तनाव लगातार बढ़ रहा है।
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ब्राजील सरकार ने अमेरिकी दबाव से मुक्त होने के लिए एक बड़ा मास्टरप्लान तैयार किया है। इस नीति के तहत ब्राजील ब्रिक्स देशों के साथ अपने सहयोग को बढ़ाएगा और लैटिन अमेरिका के प्रमुख व्यापारिक संगठन मर्कोसुर के साथ मिलकर क्षेत्रीय एकता को मजबूत करेगा। इस रणनीति के जरिए ब्राजील अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी राजनयिक और तकनीकी संप्रभुता को विस्तार देना चाहता है।यह योजना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार का भी समर्थन करती है। एक अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण बहुपक्षीय प्रणाली में ब्राजील विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की अधिक भागीदारी चाहता है।यह नई नीति ऐसे समय में आई है जब अमेरिका का ब्राजील पर दबाव बढ़ा है, जिसने ब्राजील के राजदूत का वीजा रद्द करने के साथ-साथ ब्राजील के निर्यात पर टैरिफ भी लगा दिए हैं।
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अमेरिकी दबाव से निपटने के लिए ब्रिक्स और 'दक्षिण-सहयोग' की शरण में ब्राजील, नीति में बड़ा फेरबदल
09:36 10.08.2026 (अपडेटेड: 11:52 10.08.2026) शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइस इनासियो लूला दा सिल्वा ने एक नई विदेश नीति योजना पेश की है, जो दक्षिण-दक्षिण सहयोग को देश की अंतरराष्ट्रीय रणनीति के केंद्र में रखती है, क्योंकि अमेरिका के साथ राजनयिक तनाव लगातार बढ़ रहा है।
ब्राजील सरकार ने अमेरिकी दबाव से मुक्त होने के लिए एक बड़ा मास्टरप्लान तैयार किया है। इस नीति के तहत ब्राजील ब्रिक्स देशों के साथ अपने सहयोग को बढ़ाएगा और लैटिन अमेरिका के प्रमुख व्यापारिक संगठन मर्कोसुर के साथ मिलकर क्षेत्रीय एकता को मजबूत करेगा। इस रणनीति के जरिए ब्राजील अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी राजनयिक और तकनीकी संप्रभुता को विस्तार देना चाहता है।
रणनीति का एक प्रमुख स्तंभ ब्रिक्स से जुड़े वित्तपोषण तंत्रों का विस्तार करना और वैश्विक दक्षिण में बुनियादी ढांचे की जरूरतों को पूरा करने के लिए उपकरण विकसित करना है।
यह योजना अंतरराष्ट्रीय वित्तीय ढांचे, जिसमें आईएमएफ और विश्व बैंक शामिल हैं, में सुधारों का समर्थन करती है, जिसका लक्ष्य निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में विकासशील देशों के प्रभाव को बढ़ाना है।
यह मंच बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, रक्षा और स्वास्थ्य सेवा में गहरे दक्षिण अमेरिकी एकीकरण को प्राथमिकता देता है, और पूरे महाद्वीप में एक साझे ऊर्जा बाजार को आगे बढ़ाने का प्रावधान करता है।
डिजिटल दुनिया में अपना दबदबा बढ़ाने के लिए ब्राजील अब डेटा सुरक्षा, एआई (AI) के नियमन और नई तकनीकों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले फैसलों में भागीदार होगा। सरकार का मानना है कि डिजिटल सुरक्षा और वैज्ञानिक सहयोग के जरिए ही तकनीक पर किसी एक देश के एकाधिकार को रोका जा सकता है।
यह योजना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार का भी समर्थन करती है। एक अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण बहुपक्षीय प्रणाली में
ब्राजील विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की अधिक भागीदारी चाहता है।
यह नई नीति ऐसे समय में आई है जब अमेरिका का ब्राजील पर दबाव बढ़ा है, जिसने ब्राजील के राजदूत का वीजा रद्द करने के साथ-साथ ब्राजील के निर्यात पर टैरिफ भी लगा दिए हैं।