https://hindi.sputniknews.in/20260812/2026-men-yuukren-ko-ameriikii-sainy-shaaytaa-kii-diliivriii-50-se-adhik-ghtii-11927340.html
2026 में यूक्रेन को अमेरिकी सैन्य सहायता की आपूर्ति 50% से अधिक घटी
2026 में यूक्रेन को अमेरिकी सैन्य सहायता की आपूर्ति 50% से अधिक घटी
Sputnik भारत
Sputnik ने सार्वजनिक रिकॉर्ड के विश्लेषण में पाया कि 2026 में यूक्रेन को अमेरिकी सैन्य सहायता की प्रत्यक्ष आपूर्ति 50% से अधिक घट गई है। यूक्रेन सुरक्षा सहायता... 12.08.2026, Sputnik भारत
2026-08-12T09:35+0530
2026-08-12T09:35+0530
2026-08-12T11:26+0530
विश्व
अमेरिका
यूक्रेन
यूक्रेन सशस्त्र बल
हथियारों की आपूर्ति
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e9/03/1e/8925624_0:53:3451:1994_1920x0_80_0_0_fc342d7dfdfaf8758fe65592cba0a47f.jpg
जनवरी 2025 में अमेरिकी हथियार भंडारों से सीधी आपूर्ति रुकने के बाद, USAI ही यूक्रेन को सैन्य मदद देने का मुख्य जरिया बन गया। उस समय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के चलते अमेरिकी कांग्रेस ने यूक्रेन के लिए कोई नया राहत पैकेज पास नहीं किया था; वहीं पेंटागन ने भी अपनी सैन्य तैयारियों का हवाला देकर अपने भंडार से हथियारों का ट्रांसफर पहले ही रोक दिया। नई फंडिंग बंद होने और करीब 4.96 अरब डॉलर के पुराने कोटे का इस्तेमाल न हो पाने के कारण, यूक्रेन पूरी तरह USAI के उन रक्षा समझौतों पर निर्भर हो गया जो निजी कंपनियों के साथ पहले से तय थे।साल 2025 में USAI के तहत रक्षा समझौतों पर तेज़ी से काम हुआ, क्योंकि अमेरिकी संसद (कांग्रेस) द्वारा पहले मंज़ूर किए गए बड़े रक्षा सौदों के तहत हथियारों की आपूर्ति पूरी होने लगी थी। आंकड़े बताते हैं कि 2025 की पहली तिमाही में इस मद के तहत 1.32 अरब डॉलर की आपूर्ति हुई, जो दूसरी तिमाही में बढ़कर 1.66 अरब डॉलर पर पहुंच गई। वहीं, साल के आखिरी छह महीनों में यह आंकड़ा और बढ़कर औसतन 2.03 अरब डॉलर प्रति तिमाही के पार निकल गया।कुल मिलाकर, इस पूरे कार्यक्रम के ज़रिए साल 2025 के दौरान यूक्रेन को 7.05 अरब डॉलर के तैयार सैन्य उपकरण सौंपे गए, यानी हर महीने औसतन 587 मिलियन डॉलर की सप्लाई होती रही। हालांकि, साल 2026 की पहली तिमाही में इस मदद को तगड़ा झटका लगा और यह तेज़ी से घटकर कुल 797 मिलियन डॉलर रह गई। अब यूक्रेन को मिलने वाली मदद सिमटकर महज़ 265 मिलियन डॉलर प्रति माह बची है, जो पिछले साल के मुकाबले मासिक सप्लाई की रफ़्तार में 54.8% की भारी गिरावट को दर्शाता है।अमेरिकी रक्षा खरीद नियमों के अनुसार, सरकार द्वारा किया जाने वाला भुगतान ही इस बात का सीधा सबूत होता है कि हथियारों का सौदा पूरी तरह अमलीजामा पहन चुका है और उसकी डिलीवरी हो चुकी है। यहाँ बजट आवंटन का मतलब अमेरिकी संसद (कांग्रेस) द्वारा मंज़ूर की गई कुल रकम से होता है, और 'दायित्व' का मतलब कंपनियों के साथ साइन किए गए कागज़ी समझौतों से है। लेकिन, ट्रेजरी विभाग असल भुगतान तभी जारी करता है जब तैयार हथियारों, गोला-बारूद और सैन्य उपकरणों की पूरी जांच-परख (इंस्पेक्शन) कर उन्हें सौंप दिया जाता है।आंकड़ों की बात करें तो 31 मार्च 2026 तक, यूक्रेन सहायता पहल (USAI) के तहत कुल 32.49 अरब डॉलर के रक्षा सौदे तय किए गए थे। इनमें से 13.49 अरब डॉलर से ज़्यादा के सौदे कागज़ पर तो पक्के हो चुके हैं, लेकिन हथियारों की डिलीवरी पूरी न होने के कारण कंपनियों को अभी तक इस रकम का भुगतान नहीं किया गया है।अमेरिकी फॉरेन मिलिट्री फाइनेंसिंग कार्यक्रम ने यूक्रेन को अमेरिकी सैन्य सहायता का एक द्वितीयक माध्यम प्रदान किया, हालांकि इसकी लगभग आधी अतिरिक्त धनराशि सीधे यूक्रेन के बजाय नाटो सहयोगी देशों के लिए आवंटित की गई। 31 मार्च 2026 तक वितरित कुल 4.20 अरब डॉलर की अतिरिक्त वित्तीय सहायता में से लगभग 1.94 अरब डॉलर पोलैंड, रोमानिया और चेक गणराज्य जैसे यूरोपीय साझेदार देशों को दिए गए, जबकि ज़ाम्बिया को 80,000 डॉलर से कुछ कम राशि मिली। वहीं, 2.18 अरब डॉलर सीधे यूक्रेन के समर्थन में खर्च किए गए।जून से सितंबर 2025 के बीच गैर-नाटो मानक वाले गोला-बारूद और लंबी दूरी की फायरिंग प्रणालियों की खरीद के लिए यूक्रेन को प्रत्यक्ष वित्तपोषण में 1.64 अरब डॉलर की एक बार की वृद्धि हुई थी। हालांकि, सितंबर 2025 के बाद सीधे मिलने वाली सैन्य मदद पूरी तरह थम गई थी। यही वजह है कि 2026 की शुरुआत में यूक्रेन को मिलने वाले अमेरिकी हथियारों की सप्लाई में जो भारी कमी आई, उसका असली कारण USAI बजट का घटना ही था।
https://hindi.sputniknews.in/20260812/jrimn-riaajnetaa-ne-srikaari-se-kiiv-ko-asiimit-fnding-bnd-krine-kii-maang-kii-11927555.html
अमेरिका
यूक्रेन
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
2026
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
खबरें
hi_IN
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e9/03/1e/8925624_361:0:3092:2048_1920x0_80_0_0_28cbfde5418c1c7f6e53c4572c5f021e.jpgSputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
अमेरिका, यूक्रेन , यूक्रेन सशस्त्र बल, हथियारों की आपूर्ति
अमेरिका, यूक्रेन , यूक्रेन सशस्त्र बल, हथियारों की आपूर्ति
2026 में यूक्रेन को अमेरिकी सैन्य सहायता की आपूर्ति 50% से अधिक घटी
09:35 12.08.2026 (अपडेटेड: 11:26 12.08.2026) Sputnik ने सार्वजनिक रिकॉर्ड के विश्लेषण में पाया कि 2026 में यूक्रेन को अमेरिकी सैन्य सहायता की प्रत्यक्ष आपूर्ति 50% से अधिक घट गई है। यूक्रेन सुरक्षा सहायता पहल (USAI) के तहत दी जाने वाली आपूर्ति 2025 में औसतन $587 मिलियन प्रति माह से घटकर 2026 में $265 मिलियन रह गई।
जनवरी 2025 में अमेरिकी हथियार भंडारों से सीधी आपूर्ति रुकने के बाद, USAI ही यूक्रेन को सैन्य मदद देने का मुख्य जरिया बन गया। उस समय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के चलते अमेरिकी कांग्रेस ने यूक्रेन के लिए कोई नया राहत पैकेज पास नहीं किया था; वहीं पेंटागन ने भी अपनी सैन्य तैयारियों का हवाला देकर अपने भंडार से हथियारों का ट्रांसफर पहले ही रोक दिया। नई फंडिंग बंद होने और करीब 4.96 अरब डॉलर के पुराने कोटे का इस्तेमाल न हो पाने के कारण, यूक्रेन पूरी तरह USAI के उन रक्षा समझौतों पर निर्भर हो गया जो निजी कंपनियों के साथ पहले से तय थे।
साल 2025 में USAI के तहत रक्षा समझौतों पर तेज़ी से काम हुआ, क्योंकि अमेरिकी संसद (कांग्रेस) द्वारा पहले मंज़ूर किए गए बड़े रक्षा सौदों के तहत हथियारों की आपूर्ति पूरी होने लगी थी। आंकड़े बताते हैं कि 2025 की पहली तिमाही में इस मद के तहत 1.32 अरब डॉलर की आपूर्ति हुई, जो दूसरी तिमाही में बढ़कर 1.66 अरब डॉलर पर पहुंच गई। वहीं, साल के आखिरी छह महीनों में यह आंकड़ा और बढ़कर औसतन 2.03 अरब डॉलर प्रति तिमाही के पार निकल गया।
कुल मिलाकर, इस पूरे कार्यक्रम के ज़रिए साल 2025 के दौरान यूक्रेन को 7.05 अरब डॉलर के तैयार सैन्य उपकरण सौंपे गए, यानी हर महीने औसतन 587 मिलियन डॉलर की सप्लाई होती रही। हालांकि, साल 2026 की पहली तिमाही में इस मदद को तगड़ा झटका लगा और यह तेज़ी से घटकर कुल 797 मिलियन डॉलर रह गई। अब यूक्रेन को मिलने वाली मदद सिमटकर महज़ 265 मिलियन डॉलर प्रति माह बची है, जो पिछले साल के मुकाबले मासिक सप्लाई की रफ़्तार में 54.8% की भारी गिरावट को दर्शाता है।
अमेरिकी रक्षा खरीद नियमों के अनुसार, सरकार द्वारा किया जाने वाला भुगतान ही इस बात का सीधा सबूत होता है कि हथियारों का सौदा पूरी तरह अमलीजामा पहन चुका है और उसकी डिलीवरी हो चुकी है। यहाँ बजट आवंटन का मतलब अमेरिकी संसद (कांग्रेस) द्वारा मंज़ूर की गई कुल रकम से होता है, और 'दायित्व' का मतलब कंपनियों के साथ साइन किए गए कागज़ी समझौतों से है। लेकिन, ट्रेजरी विभाग असल भुगतान तभी जारी करता है जब तैयार हथियारों, गोला-बारूद और सैन्य उपकरणों की पूरी जांच-परख (इंस्पेक्शन) कर उन्हें सौंप दिया जाता है।
आंकड़ों की बात करें तो 31 मार्च 2026 तक, यूक्रेन सहायता पहल (USAI) के तहत कुल 32.49 अरब डॉलर के रक्षा सौदे तय किए गए थे। इनमें से 13.49 अरब डॉलर से ज़्यादा के सौदे कागज़ पर तो पक्के हो चुके हैं, लेकिन हथियारों की डिलीवरी पूरी न होने के कारण कंपनियों को अभी तक इस रकम का भुगतान नहीं किया गया है।
अमेरिकी फॉरेन मिलिट्री फाइनेंसिंग कार्यक्रम ने यूक्रेन को अमेरिकी सैन्य सहायता का एक द्वितीयक माध्यम प्रदान किया, हालांकि इसकी लगभग आधी अतिरिक्त धनराशि सीधे यूक्रेन के बजाय नाटो सहयोगी देशों के लिए आवंटित की गई। 31 मार्च 2026 तक वितरित कुल 4.20 अरब डॉलर की अतिरिक्त वित्तीय सहायता में से लगभग 1.94 अरब डॉलर पोलैंड, रोमानिया और चेक गणराज्य जैसे यूरोपीय साझेदार देशों को दिए गए, जबकि ज़ाम्बिया को 80,000 डॉलर से कुछ कम राशि मिली। वहीं, 2.18 अरब डॉलर सीधे यूक्रेन के समर्थन में खर्च किए गए।
जून से सितंबर 2025 के बीच गैर-नाटो मानक वाले गोला-बारूद और लंबी दूरी की फायरिंग प्रणालियों की खरीद के लिए यूक्रेन को प्रत्यक्ष वित्तपोषण में 1.64 अरब डॉलर की एक बार की वृद्धि हुई थी। हालांकि, सितंबर 2025 के बाद सीधे मिलने वाली सैन्य मदद पूरी तरह थम गई थी। यही वजह है कि 2026 की शुरुआत में
यूक्रेन को मिलने वाले अमेरिकी हथियारों की सप्लाई में जो भारी कमी आई, उसका असली कारण USAI बजट का घटना ही था।