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'यूक्रेन को राहत देने वाले उपायों का कोई मतलब नहीं', पुराने ब्लैक सी समझौते पर लौटने के खिलाफ रूस
'यूक्रेन को राहत देने वाले उपायों का कोई मतलब नहीं', पुराने ब्लैक सी समझौते पर लौटने के खिलाफ रूस
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रूस ने कहा है कि काला सागर में व्यापारिक जहाजों पर हमले रोकने को लेकर तुर्की के प्रस्ताव के बावजूद 2022-23 के ब्लैक सी समझौते की पुरानी व्यवस्था पर लौटना उचित... 14.08.2026, Sputnik भारत
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इससे पहले तुर्की के विदेश मंत्री हकान फिदान ने कहा था कि अंकारा ने रूस और यूक्रेन को काला सागर में व्यापारिक जहाजों पर हमले रोकने के लिए एक विशेष तंत्र बनाने का प्रस्ताव दिया है।उन्होंने कहा कि मॉस्को ऐसे किसी आधे-अधूरे समाधान की जरूरत नहीं देखता, जिससे कीव को केवल राहत मिल सके।क्या था पुराना ब्लैक सी समझौता?तुर्की और संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से जुलाई 2022 में ब्लैक सी ग्रेन इनिशिएटिव शुरू किया गया था। इसके तहत काला सागर के रास्ते यूक्रेनी और रूसी कृषि उत्पादों तथा उर्वरकों के सुरक्षित निर्यात की व्यवस्था की गई थी।रूस ने जुलाई 2023 में इस समझौते को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। मॉस्को का कहना था कि रूसी अनाज और उर्वरकों के निर्यात को आसान बनाने से जुड़ी शर्तों को लागू नहीं किया जा रहा था, जिसके बाद 18 जुलाई 2023 को समझौते की अवधि समाप्त हो गई।इसके साथ रूस और संयुक्त राष्ट्र के बीच तीन साल का एक ज्ञापन भी था। इसमें रूसी खाद्य उत्पादों और उर्वरकों के निर्यात से जुड़ी बाधाएं हटाना, रोसेलखोजबैंक को SWIFT से दोबारा जोड़ना, कृषि मशीनरी और कलपुर्जों की आपूर्ति बहाल करना और तोग्लियात्ती-ओडेसा अमोनिया पाइपलाइन को फिर से चालू करना शामिल था। रूस ने बार-बार कहा था कि इन प्रावधानों को लागू नहीं किया गया।
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'यूक्रेन को राहत देने वाले उपायों का कोई मतलब नहीं', पुराने ब्लैक सी समझौते पर लौटने के खिलाफ रूस
रूस ने कहा है कि काला सागर में व्यापारिक जहाजों पर हमले रोकने को लेकर तुर्की के प्रस्ताव के बावजूद 2022-23 के ब्लैक सी समझौते की पुरानी व्यवस्था पर लौटना उचित नहीं है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने शुक्रवार को यह बयान दिया।
इससे पहले तुर्की के विदेश मंत्री हकान फिदान ने कहा था कि अंकारा ने रूस और यूक्रेन को काला सागर में व्यापारिक जहाजों पर हमले रोकने के लिए एक विशेष तंत्र बनाने का प्रस्ताव दिया है।
जखारोवा ने कहा, "अगर बात 2022-23 के मॉडल की एकतरफा व्यवस्था की हो रही है, जिसे ब्लैक सी इनिशिएटिव के नाम से जाना जाता है, और जिसके तहत मॉस्को ने काला सागर में अपनी सैन्य कार्रवाई, यानी रूसी बंदरगाहों के बुनियादी ढांचे और ऊर्जा सुविधाओं की रक्षा के लिए जवाबी कदम रोक दिए थे, तो ऐसी व्यवस्था पर लौटना उचित नहीं है।"
उन्होंने कहा कि मॉस्को ऐसे किसी आधे-अधूरे समाधान की जरूरत नहीं देखता, जिससे कीव को केवल राहत मिल सके।
क्या था पुराना ब्लैक सी समझौता?
तुर्की और संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से जुलाई 2022 में ब्लैक सी ग्रेन इनिशिएटिव शुरू किया गया था। इसके तहत काला सागर के रास्ते यूक्रेनी और रूसी कृषि उत्पादों तथा उर्वरकों के सुरक्षित निर्यात की व्यवस्था की गई थी।
रूस ने जुलाई 2023 में इस समझौते को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। मॉस्को का कहना था कि रूसी अनाज और उर्वरकों के निर्यात को आसान बनाने से जुड़ी शर्तों को लागू नहीं किया जा रहा था, जिसके बाद 18 जुलाई 2023 को समझौते की अवधि समाप्त हो गई।
इसके साथ रूस और संयुक्त राष्ट्र के बीच तीन साल का एक ज्ञापन भी था। इसमें रूसी खाद्य उत्पादों और उर्वरकों के निर्यात से जुड़ी बाधाएं हटाना, रोसेलखोजबैंक को SWIFT से दोबारा जोड़ना, कृषि मशीनरी और कलपुर्जों की आपूर्ति बहाल करना और तोग्लियात्ती-ओडेसा अमोनिया पाइपलाइन को फिर से चालू करना शामिल था। रूस ने बार-बार कहा था कि इन प्रावधानों को लागू नहीं किया गया।