यूक्रेन संकट
मास्को ने डोनबास के लोगों को, खास तौर पर रूसी बोलनेवाली आबादी को, कीव के नित्य हमलों से बचाने के लिए फरवरी 2022 को विशेष सैन्य अभियान शुरू किया था।

'यूक्रेन को राहत देने वाले उपायों का कोई मतलब नहीं', पुराने ब्लैक सी समझौते पर लौटने के खिलाफ रूस

© Sputnik / Burcu Okutan / मीडियाबैंक पर जाएंA vessel carrying corn from Ukraine, is seen in the Black Sea
A vessel carrying corn from Ukraine, is seen in the Black Sea - Sputnik भारत, 1920, 14.08.2026
सब्सक्राइब करें
रूस ने कहा है कि काला सागर में व्यापारिक जहाजों पर हमले रोकने को लेकर तुर्की के प्रस्ताव के बावजूद 2022-23 के ब्लैक सी समझौते की पुरानी व्यवस्था पर लौटना उचित नहीं है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने शुक्रवार को यह बयान दिया।
इससे पहले तुर्की के विदेश मंत्री हकान फिदान ने कहा था कि अंकारा ने रूस और यूक्रेन को काला सागर में व्यापारिक जहाजों पर हमले रोकने के लिए एक विशेष तंत्र बनाने का प्रस्ताव दिया है।
जखारोवा ने कहा, "अगर बात 2022-23 के मॉडल की एकतरफा व्यवस्था की हो रही है, जिसे ब्लैक सी इनिशिएटिव के नाम से जाना जाता है, और जिसके तहत मॉस्को ने काला सागर में अपनी सैन्य कार्रवाई, यानी रूसी बंदरगाहों के बुनियादी ढांचे और ऊर्जा सुविधाओं की रक्षा के लिए जवाबी कदम रोक दिए थे, तो ऐसी व्यवस्था पर लौटना उचित नहीं है।"
उन्होंने कहा कि मॉस्को ऐसे किसी आधे-अधूरे समाधान की जरूरत नहीं देखता, जिससे कीव को केवल राहत मिल सके।

क्या था पुराना ब्लैक सी समझौता?

तुर्की और संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से जुलाई 2022 में ब्लैक सी ग्रेन इनिशिएटिव शुरू किया गया था। इसके तहत काला सागर के रास्ते यूक्रेनी और रूसी कृषि उत्पादों तथा उर्वरकों के सुरक्षित निर्यात की व्यवस्था की गई थी।
रूस ने जुलाई 2023 में इस समझौते को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। मॉस्को का कहना था कि रूसी अनाज और उर्वरकों के निर्यात को आसान बनाने से जुड़ी शर्तों को लागू नहीं किया जा रहा था, जिसके बाद 18 जुलाई 2023 को समझौते की अवधि समाप्त हो गई।
इसके साथ रूस और संयुक्त राष्ट्र के बीच तीन साल का एक ज्ञापन भी था। इसमें रूसी खाद्य उत्पादों और उर्वरकों के निर्यात से जुड़ी बाधाएं हटाना, रोसेलखोजबैंक को SWIFT से दोबारा जोड़ना, कृषि मशीनरी और कलपुर्जों की आपूर्ति बहाल करना और तोग्लियात्ती-ओडेसा अमोनिया पाइपलाइन को फिर से चालू करना शामिल था। रूस ने बार-बार कहा था कि इन प्रावधानों को लागू नहीं किया गया।
Russian Foreign Minister Sergey Lavrov - Sputnik भारत, 1920, 14.08.2026
यूक्रेन संकट
यूक्रेन में मौजूदा मोर्चे पर संघर्ष रोकना संभव नहीं: लावरोव
न्यूज़ फ़ीड
0
loader
चैट्स
Заголовок открываемого материала